राजापुर (चित्रकूट)। पिछले दिनों मूसलाधार बारिश ने राजापुर-कर्वी निर्माणाधीन राम वन गमन राष्ट्रीय राजमार्ग की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है।
रम्मपुरिया गांव तक बनी करीब 50 मीटर सड़क में दो महीने में ही जगह-जगह बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। कहीं एक फीट तक चौड़ी दरारें हैं तो कहीं सड़क धंस गई है। इससे मार्ग की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि विभाग ने दो दिन पहले जेसीबी और मजदूर लगाकर दरारों को भरने का प्रयास किया। गिट्टी-मिट्टी डालकर ऊपर से तारकोल चिपका दिया लेकिन बारिश में वह मरम्मत भी उखड़ गई। आज भी सड़क पर दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोग इसे निर्माण एजेंसी और विभाग की मिलीभगत और बड़ी लापरवाही बता रहे हैं जबकि यह मार्ग दो माह पहले ही बना है। यमुना नदी पर बन रहा नया पुल अभी अधूरा है, आवागमन शुरू नहीं हुआ है।
इसके बावजूद राजापुर-कमासिन की ओर से छोटे-बड़े और ओवरलोड वाहन इसी तैयार सड़क से फर्राटा भर रहे हैं। भारी वाहनों की आवाजाही के बीच फटी सड़क कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
4550 करोड़ की परियोजना से बन रहा राम वन गमन हाईवे : उत्तर प्रदेश में अयोध्या से चित्रकूट तक लगभग 210 किलोमीटर लंबा राम वन गमन मार्ग बनाया जा रहा है। इस परियोजना पर 4,550 करोड़ रुपये की लागत प्रस्तावित है।
यह मार्ग अयोध्या से शुरू होकर सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज के शृंगवेरपुर धाम, कौशाम्बी के मंझनपुर और राजापुर होते हुए चित्रकूट तक जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस परियोजना का निर्माण कर रहे हैं। कुछ काम निजी निर्माण कंपनियों, जैसे पीएनसी इंफ्राटेक, के द्वारा भी किया जा रहा है।
फोटो 25 सीकेटीपी01 बारिश से राम वन गमन हाईवे पर आईं दरारें। संवाद
फोटो 25 सीकेटीपी01 बारिश से राम वन गमन हाईवे पर आईं दरारें। संवाद