अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट/पहाड़ी। प्रशासन के तमाम प्रयास के बावजूद डाक्टरों ने बाहर की दवा लिखना बंद नहीं किया है। सीएचसी प्रभारी पर आरोप है कि वह एक खास कंपनी की ही दवा लिखते हैं जिसके लिए उनका मोटा कमीशन तय है। कुछ मरीज व तीमारदारों ने इसका विरोध कर अपर निदेशक स्वास्थ्य बांदा से शिकायत की है।
पहाड़ी में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने आए सुशील कुमार, राजेश सिंह, मनोज कुमार, आलोक व राजाराम आदि ने बताया कि एक सप्ताह से वह लगातार इलाज कराने अपने परिजनों के साथ आ रहे हैं। अस्पताल के चिकि त्सा प्रभारी एक विशेष कंपनी की ही दवा पर्चा पर लिखते हैं और मरीज से कहते हैं कि इसी कंपनी की ही दवा लेना नहीं तो आगे इलाज नहीं करने का आरोप लगाया। मरीज व तीमारदारों ने बताया कि बाजार में उस कंपनी की दवा के मुकाबले दूसरी कंपनी की दवा सस्ती है। लेकिन डाक्टर उसे ही लेने को मजबूर कर रहे हैं। संभावना है कि डाक्टर का इस कंपनी की दवा बिक्री से मोटा कमीशन तय है। प्रभारी चिकित्साधिकारी के आने के पूर्व इस क्षेत्र में इस कंपनी की दवा बेहद कम बिकती थी लेकिन अब सिर्फ इसी कंपनी की दवा के लिए पर्चा लिखा जा रहा है। इसकी शिकायत अपर स्वास्थ्य निदेशक बांदा से शिकायत की गई है।
इस मामले में अपर स्वास्थ्य निदेशक बंादा ओंकारनाथ ने बताया कि ऐसी शिकायत कई मरीजोें ने की है। पहले भी पहाड़ी केंद्र से यह शिकायत आई थी। इसकी जांच कराई जा रही है। उधर, प्रभारी चिकित्सक दीपकमणि नायक ने आरोपों को गलत बताया है। कुछ लोगाें पर बेवजह दबाव बनाने का आरोप लगाया है।