चित्रकूट। दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर किसान आंदोलन के दौरान हुए बवाल को लेकर भाकियू नेताओं ने कहा कि यह केंद्र व प्रदेश सरकार की साजिश है। राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किसी को बर्दाश्त नहीं होगा, लेकिन यह हरकत किसी के उकसाने पर अराजकतत्वों ने की है। योजनाबद्ध तरीके से आंदोलनकारी किसानों पर बवाल का ठीकरा फोड़ा जा रहा है।
जिला मुख्यालय के गल्ला मंडी परिसर में शुक्रवार को भाकियू जिलाध्यक्ष राम सिंह पटेल ने कहा कि किसानों को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। कहा कि संगठन के उच्च अधिकारियों की बैठक चल रही है, जो निर्देश मिलेगा वैसा ही किया जाएगा। नए कृषि कानून वापस होने तक किसान आंदोलनरत रहेंगे। जिला मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों की मांग जायज है। सरकार तीनों कृषि कानून वापस ले।
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुआ बवाल किसानों ने नही किया है। प्रदर्शन की अनुमति देने के बाद बैरिकेडिंग लगाना गलत है। वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष उदयनारायण सिंह ने कहा कि अराजकतत्व देश का माहौल बिगाड़ने के लिए निरंतर ऐसे प्रयास करते हैं। ऐसी घटना की हम निंदा करते हैं। किसान देश के लिए अपने बेटों की जान न्योछावर कर सकता है, लेकिन देश का अपमान नही कर सकता।
जिला महामंत्री अरुण कुमार पांडेय ने कहा कि किसानों का आंदोलन शांतिपूर्ण था, निर्धारित रूट से ट्रैक्टर परेड निकली थी। कुछ अराजकतत्वों ने इसमें शामिल होकर रूट से हटकर दंगा किया। अब तक जो फोटो व वीडियो सामने आए हैं, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि किसानों का आंदोलन तोड़ने के लिए व्यूहरचना की गई थी।