चित्रकूट। जिला अस्पताल में नौ माह की बच्ची की मौत के मामले में आरोपी डॉक्टरों और फार्मासिस्टों को सीएमओ कार्यालय संबद्ध कर दिया गया। मंगलवार को जांच टीम ने कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। कर्मचारियों को जांच पूरी होने तक ड्यूटी पर आने से रोक दिया गया है। एडी डॉ. एनके द्विवेदी भी जिला अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली।
शंकर बाजार कर्वी निवासी धनेश श्रीवास्तव ने निमोनिया पीड़ित बेटी शिवांगी की जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हुई थी। मां राधा और परिजनों ने एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन लगाने से मौत होने का आरोप लगाया था। डॉक्टर, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाय के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
सीएमएस डॉ. सुधीर शर्मा ने दो फार्मासिस्ट समेत चार को निलंबित कर दिया था। जांच के लिए बनी तीन डॉक्टरों की टीम ने मंगलवार को फार्मासिस्ट धर्मेंद्र मिश्रा, राममिलन सिंह, वार्ड ब्वाय अवधेश, संविदा कर्मी कुलदीप सिंह और स्टाकिस्ट फार्मासिस्ट अशोक सिंह के बयान दर्ज किए।
सीएमएस ने बताया कि जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। आरोपी कर्मचारियों को जिले में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं।
फार्मासिस्ट ने कहा कि एक्सपायरी डेट के इंजेक्शन वहां कैसे पहुंचे इसकी जानकारी नहीं है।
डिप्टी सीएम के ट़्वीट के बाद हलचल
सोमवार को हुई इस घटना के बाद डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को इसकी सूचना मिली। उन्होंने उच्चाधिकारियों से जानकारी लेकर उचित कार्रवाई कराने के लिए कहा। उन्होंने स्वयं ट्वीट कर बताया कि इस मामले में जांच शुरु है और पांच कर्मचारियों पर कार्रवाई कराई गई है।
------------------------
पीड़ित परिवार ने मांगा हर्जाना व न्याय
मासूम के पिता धनेश व उनके परिजनों ने पूरे मामले में न्याय मांगा है। एसपी वृंदा शुक्ला व सीएमओ डा. भूपेश द्विवेदी से मिलकर कहा कि ऐसी लापरवाही करने वालों के खिलाफ कडी कार्रवाई हो। साथ ही मृतका के परिजनों को हर्जाना दिलाया जाए। पीड़ित धनेश के एक पुत्र व एक पुत्री थी जिसमें अब एक पुत्र बचा है। दूसरे दिन भी मृतका की मां राधा गुमसुम व बेसुध रही।