चित्रकूट। भाजपा सांसद समेत सपा के पूर्व विधायक व पालिका चेयरमैन को 13 साल पहले के मामले में सजा सुनाने की जानकारी होते ही सैकड़ों समर्थक कचहरी पहुंच गए। जब पता चला कि सबको जमानत भी मिल गई तो उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली। सजा पाने वालों में सांसद के पुत्र और सांसद प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
सोमवार को कचहरी परिसर में सुबह से ही 2009 के इस मामले की सुनवाई को लेकर सांसद समेत अन्य आरोपी अपने समर्थकों के साथ सीजेएम न्यायालय के सामने पहुंचे। सीजेएम संजय कुमार की अदालत में पेशी के बाद जब बाहर निकले तो सभी के चेहरे मुर्झाए थे।
मामले में अदालत ने सभी को दोषी ठहरा दिया था। सभी अपने अधिवक्ताओं के बस्ते में जमानत या फिर अग्रिम कार्रवाई की तैयारी कर रहे थे। कई तो हाथ जोड़े और कचहरी परिसर स्थित मंदिर पहुंचे और प्रार्थना करने लगे कि उन्हें कम से कम सजा मिले। सुरक्षा कर्मियों ने दोषियों को अपने घेरे में ले लिया। मीडिया से कुछ दोषी चेहरा छिपाने लगे।
सजा सुनाए जाने के लिए सभी दोषी अदालत में पेश हुए और सजा सुनने के बाद उनके चेहरे में कुछ संतोष रहा। सबसे ज्यादा ंचिंता की लकीरें भाजपा सांसद आरके सिंह पटेल, चेयरमैन नरेंद्र गुप्ता व पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल के चेहरे पर रही।
कई लोगों ने इस निर्णय का स्वागत इसके विपरीत कुछ लोगों ने कहा कि धरना प्रदर्शन को लेकर इतनी सजा ज्यादा है। सपा जिलाध्यक्ष अनुज यादव व तत्कालीन सपा जिलाध्यक्ष भइयालाल ने कहा कि सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन करना अधिकार है। इसमें अदालत के निर्णय का सम्मान है।
इस सजा के खिलाफ वह जिला जज की अदालत में अपील दाखिल करेंगे। बताया कि इस प्रदर्शन के लिए उन्होंने जिला प्रशासन से अनुमति भी ली थी। पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई की है। उस समय बसपा की जनविरोधी नीतियों को लेकर ही जनहित में प्रदर्शन किया था।
बसपा नेताओं के इशारे पर उन पर कार्रवाई कराई गईथी। भाजपा सांसद आरके सिंह पटेल ने कहा कि उनके साथ साजिश की गई है। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता रूद्र प्रसाद मिश्रा ने इस निर्णय का स्वागत कर कहा कि अब इन जनप्रतिनिधियों को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।