फोटो- 9 - चितहरा मझगवां रेलमार्ग पर बाघ के बच्चे शावक के कटने की सूचना पर पहुंचे रेलकर्मी , बाद में प?
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मानिकपुर(चित्रकूट)। मानिकपुर वन क्षेत्र के मारकुंडी व बारामाफी रेलवे स्टेशन के बीच मंगलवार को तड़के एक वन्यजीव के ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। पेट्रेालिंग करने निकले गैंगमैनों ने जब इसे देखा तो स्टेशन मास्टर को बताया कि बाघ के बच्चे की मौत हो गई है। जानकारी होते ही रेलवे व वन विभाग के अधिकारियों में हडकंप मच गया। जैसे ही अधिकारी मौके पर पहुंचे तो पता चला कि वह बाघ का बच्चा नहीं बल्कि जंगली बिल्ली है। इसके बाद सभी अधिकारियों ने राहत की संास ली।
मंगलवार की सुबह मारकुंडी व बारामाफी रेलवे के बीच सतना की ओर जा रही ट्रेन की चपेट में आने से जंगली बिल्ली की मौत हो गई। सुबह होने पर जब गैंगमैन उधर से गुजरे तो यह देख समझा कि बाघ के बच्चे की मौत हुई है। मारकुंडी स्टेशन पर जानकारी दी तो वन विभाग के अधिकारियों को बताया गया। दरअसल, इन दिनों रेलवे ट्रैक के आसपास बाघ व उसके शावकों की चहलकदमी पर रेल व वन विभाग एलर्ट है। मौके पर पहुंचे रानीपुर वन्यजीव विहार के रेंजर त्रिवेणी प्रसाद मौके पर पहुंचे तो जानवर को देख बताया कि यह बाघ नहीं जंगली बिल्ली है। एक सप्ताह पूर्व ही इसी ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से तेंदुए की मौत हुई थी। तब से ट्रेन गुजरने में कॉशन लगा है और चालकों को हार्न बजाकर ट्रेन चलाने के निर्देश हैं।
बेशकीमती वन्यजीव है जंगली बिल्ली
मानिकपुर। जंगली बिल्ली कैट फेमिली में आती है। यह शेर की श्रेणी में भी होती है। इसकी बनावट कुछ वैसी ही होती है लेकिन साईज आम बिल्ली की ही तरह होता है। चित्रकूट क्षेत्र के जंगलोें में यह प्रचुर मात्रा में हैं। यह वन्यजीव के अनुसूची तीन की प्राणी है। यह खुद कम शिकार करती है बल्कि मृत जानवरों के गोश्त खाती है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 व संशोधित 2003 की धारा 9, 39, 49 व 51 के तहत इसका शिकार करना दंडनीय अपराध है।