चित्रकूट। अमावस्या पर धर्मनगरी श्रद्धालुओं से सराबोर नजर आई। मंदाकिनी के तट पर कुंभ सा नजारा दिखा। कामदगिरी परिक्रमा मार्ग पर भक्तों का ऐसा रेला चला कि पुलिस प्रशासन के पसीने छूट गए। बाबा कामतानाथ के दर्शन करने की होड़ लगी रही। सुरक्षा व्यवस्था के लिए यूपी व एमपी के प्रशासनिक अधिकारी डटे रहे।
अमावस्या को लेकर दो दिन से धर्मनगरी गुलजार थी। लोगों ने पहले से होटलों, धर्मशालाओं में डेरा डाल लिया था। बुधवार की रात तक लोग ट्रेनों, बसों, प्राइवेट वाहनों व बाइकों से पहुंचे। गुरुवार को तड़के ब्रह्ममुहूर्त में रामघाट मंदाकिनी नदी में स्नान करने वालों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। यहां कुंभ जैसा नजारा दिखाई दिया।
स्नान के बाद भक्तों ने बाबा मत्तगजेंद्र नाथ का जलाभिषेक किया। यहां से भक्तों के रेला कामदगिरी तरफ चला तो पूरा वातावरण मां मंदाकिनी, बाबा कामतानाथ, जयश्रीराम, बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। लाखों भक्तों ने भगवान कामतानाथ के दर्शन किए। कामदगिरी परिक्रमा मार्ग पर भीड़ को रोके लिए पुलिस को बीच-बीच में बैरिकेडिंग करना पड़ा। धर्मनगरी के जानकीकुंड, गुप्त गोदावरी, सतीअनुसुइया आश्रम सहित अन्य तीर्थ स्थानों पर भी भक्तों की भीड़ रही।
अमावस्या पर भारी भीड़ के चलते कई जगह जाम की स्थिति बनी रही। सीतापुर, पीलीकोठी, हनुमानधारा रोड, रामशैय्या, नयागांव आदि जगहों पर जबरदस्त जाम लगा रहा। इसे हटाने में पुलिस के पसीने छूट गए। उधर, पार्किंग न होने से लोगों ने सीतापुर, यूपीटी तिराहे पर अपने वाहन सड़क पर खड़े कर दिए। इससे जाम के हालात बने रहे।
मेले के चलते सवारी वाहन ठसाठस भरे दिखाई दिए। यात्रियों का कहना था कि मेले के चलते टेंपो, ई-रिक्शा वालों ने मनमाना किराया वसूला। इस पर श्रद्धालुओं व चालकों के बीच कहासुनी होती रही।