फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चित्रकूटः मूर्ति के मामले में रहस्य न खोलने पर उठाए जा रहे सवाल

विज्ञापन
विज्ञापन
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में मिली बेशकीमती अष्टधातु की मूर्ति का नया गांव थाना पुलिस पूरी तरह से रहस्य नहीं खोल रही है। 10 जून को मूर्ति जब्त कर थाने के माल खाने में रखे जाने की बात कही है। जबकि जन चर्चा है कि मालखाना में रखी गई मूर्ति असली नहीं है। असली मूर्ति में हीरे की आंखें लगी हुई थी। इस मामले में पुलिस सोशल मीडिया के माध्यम से ही माल खाने में मूर्ति रखी होने की बात स्वीकारी है लिखित जानकारी नहीं दिया जिससे कई तरह से सवाल उठाए जा रहे है। जबकि एक दिन पहले इस मामले में नया गांव थानाध्यक्ष अनिल ध्रुर्वे को निलंबित कर दिया गया था। इस मामले की जांच डीआईजी रींवा अनिल कुमार कुशवाह ने एएसपी (मुख्यालय)हितिका वासल (आईपीएस) को सौंपी है।
विज्ञापन

लगभग दस दिन पूर्व मंदाकिनी नदी में नाव चलाने वाले नाविकों को एक अष्टधातु की मूर्ति मिली थी। जिसको नाविकों ने अपने पास रख लिया था। मूर्ति बेचने को लेकर नाविकों के बीच बंदर बांट को लेकर झगड़ा हो गया था। इसी बीच नया गांव पुलिस कुछ नाविकों को पकड़ कर ले गई। मूूर्ति अपने पास रख लिया लेकिन किसी को कोई जानकारी नहीं दिया। नाविक नवल निषाद ने सांसद आर के सिंह पटेल को मामले की जानकारी दिया। जिस पर सांसद ने पुलिस अधीक्षक को जानकारी दी थी।
इसके बाद सीतापुर चौकी इंचार्ज रामवीर से इस मामले का पता लगाने के लिए कहा था। जब वह नया गांव थाने गए थे तो उन्होंने दावा किया था कि मौजूद एक दीवान ने मूर्ति होने की बात कही थी लेकिन मूर्ति दिखाई नहीं गई। मामला मीडिया में उठाए जाने पर सतना पुलिस पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल ने नया गांव थानाध्यक्ष अनिल ध्रुर्वे को निलंबित कर जांच करने के लिए एक टीम का गठन कर दिया था। इसके बाद भी सही जानकारी नया गांव थाना पुलिस नहीं दे रही है। वही कहा जा रहा है असली मूर्ति में हीरे की आंखें लगी थी। जबकि जब्त की गई मूर्ति में हीरे की आंखें नहीं लगी। इस मामले में नया गांव थाना पुलिस कुछ बोलने को तैयार नहीं है। नया गांव थाना प्रभारी आरबी त्रिपाठी ने बताया कि मूर्ति ले जाने वाले मुख्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें