डाकू गौरी यादव गैंग की तलाश में जंगल में गश्त करती पुलिस टीम
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चित्रकूट में पंचायत चुनाव में डाकुओं का दखल रहता है। जिसके चलते कई परिजन चुनाव में जीत हासिल कर चुके हैं। पिछले पंचायत चुनाव में डाकुओं के परिवार के कई सदस्य चुनाव जीते थे। डेढ़ दशक पहले कुख्यात डाकू ददुआ, ठोकिया, बबुली गैंग सहित बलखड़िया गैंग में अपने परिजनों को प्रधान, जिला पंचायत व ब्लाक प्रमुख बनाने की प्रतिद्वंदिता थी।
इस बार भी डाकुओं ने अपने परिजनों को प्रत्याशी बनाया है। पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसमें डेढ़ लाख के इनामी डाकू गौरी यादव गैंग के सदस्यों को पकड़ा भी है। इसमें एक को मुुठभेड़ में मार गिराया है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना कि पंचायत चुनाव में डाकुओं का कोई दखल नहीं चलेगा।
डकैतों को पकड़ने व मारने का अभियान जारी है। इन दिनों जिले में जिला पंचायत से लेकर प्रधान पद के लिए चुनाव प्रचार पूरे जोर शोर पर है। खासकर मानिकपुर, मारकुंडी, बहिलपुरवा, राजापुर के तराई क्षेत्र, बरगढ़ और भरतकूप के बीहड़ क्षेत्र में डकैतों के परिजन भी मैदान में हैं।
ग्रामीणों की मानें तो कुछ स्थानों पर डकैतों के फरमान की बात सामने आई है पर पुलिस प्रशासन के सख्त रवैये के चलते कोई सामने नहीं आ रहा हैं। यहां तक कि डकैतों के जो परिजन चुनाव लड़ रहे हैं उनका स्पष्ट कहना है कि वह सब लोकतांत्रिक प्र्रक्रिया से ही चुनाव लड़ रहे हैं।