राजापुर (चित्रकूट)। राजापुर तहसील के वीरधुमाई गांव के किसानों ने गांव के ही एक व्यक्ति के खेत पर बांस बल्लियों के सहारे घेराबंदी करके अन्ना मवेशियों को उसमें बंद कर रखा है। इनके चारे-पानी की व्यवस्था भी खुद कर रहे हैं। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी अफसरों को भी दी है, लेकिन किसी ने इसकी सुध नहीं ली।
गांव के किसान चुनबाद सिंह, रवि शंकर द्विवेदी, राम बरन सिंह, नन्हू, राम मिलन सिंह, गोपाल मिश्र, समरजीत सविता, चुनकावन सिंह, पुत्ती लाल निषाद, बबली निषाद, जुगराज सिंह, अर्जुन सिंह परिहार, महेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह, चंदा, भजन भारतीय, परसुराम विश्वकर्मा, मान सिंह ने बताया कि अन्ना मवेशियों के कारण खरीफ की फसल हम नहीं बचा पा रहे हैं। सिर्फ धान की फसल बची है।
धान की फसल में पानी भरा होने से मवेशी नहीं घुसते हैं। बाढ़ के बाद हजारों अन्ना मवेशी ऊंचाई वाले गांवों में घुस आए हैं। इनके झुंड खेतों में घुसकर फसलों को चट कर जाते हैं। गांव की गलियों, सड़कों पर इनके आतंक से चलना मुश्किल है। आए दिन हादसे होते हैं।
चुनबाद सिंह ने बताया कि हम सब गांव के प्रधान इंदल यादव के पास गए थे। उनसे समस्या बताई तो प्रधान इंदल यादव ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद गांव के राममिलन सिंह से बात कर उनके खेत में बाड़ा बनवाकर एक सप्ताह से अन्ना मवेशियों को संरक्षित कर रखा है। उनकी देखभाल और चारा-पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। इसकी जानकारी एसडीएम प्रमोद झा, थाना प्रभारी सरधुवा, सचिव, लेखपाल, पशु डॉक्टर आदि सभी को करा दी है, लेकिन कोई देखने नहीं आया।
ग्राम निधि में इतना बजट नहीं है कि इतने सारे मवेशियों की व्यवस्था की जा सके। गोशाला में भी इन्हें रखना मुश्किल है। मै असहाय हूं। -इंदल यादव, प्रधान वीरधुमाई।