मानिकपुर। क्रय केंद्र से गेहूं बेचकर किसान अपने खाते में आए रुपये निकालने के लिए बैंक पहुंचा तो बैंक मैनेजर ने रुपये निकालने से इंकार कर दिया। कर्ज की पहले धनराशि चुकाओं इसके बाद रुपये निकाला जाएगा। जिसको लेकर किसान ने जिले के अधिकारियों को पत्र लिखा है।
किसान रोहिणी प्रसाद 3 वर्ष पूर्व केसीसी से बैंक से कर्ज लिया था। जिसका लेेन देन तीन वर्ष से नहीं कर रहा है। उसने क्रय केंद्र में गेहूं को बेचा था। जिसकी धनराशि किसान के बैंक खाते में पहुंच गई। जिसको निकालने के लिए उमरी गांव स्थित एक बैंक किसान रोहिणी प्रसाद पहुंचा तो बैंक मैनेजर ने रुपये निकालने से मना कर दिया।
किसान ने बताया कि बेचे गए गेहूं में उसके भाईयों का भी गेहूं शामिल था। उनको भी धनराशि देनी है। उसने अपनी बहू की डिलेवरी के समय हुए ऑपरेशन के लिए 70 हजार रुपये कर्ज लिया था जिसको देना है। अभी बैंक से लिए गए कर्ज देने में असमर्थ है।