भरतकूप(चित्रकूट)। खनिज विभाग के रिकार्ड में बंद तीन क्रशर में मंगलवार को मशीनें चलती मिलीं। बिजली विभाग के दो अधीक्षण अभियंताओं की अगुवाई में टीम बिजली चोरी पकड़ने पहुंची थी। तीनों क्रशर में बिजली चोरी कर मशीनें चलाई जा रहीं थीं। तीनों खदान के संचालकों के खिलाफ बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ जेई, एई और एसडीओ से जवाब मांगा है।
जिन क्रशर में बिजली चोरी पकड़ी गई, वह खनन विभाग के रिकार्ड में बंद हैं। यहां पर बिजली चोरी की सूचना विभाग को मिली थी। इस पर अधीक्षण अभियंता बृजेश कुमार और अधीक्षण अभियंता बांदा अरविंद कुमार ने विभागीय अधिकारियों के साथ छापा मारा।
अधिकारियों ने संगम स्टोन मिल और दो अन्य क्रशर में जांच की। तीनों क्रशर में काम हो रहा था। कनेक्शन कटे होने के बावजूद पीछे की ओर से अवैध रूप से तार डालकर बिजली चोरी की जा रही थी। तीनों क्रशर के जनरेटर भी खराब मिले।
अधीक्षण अभियंता ने कहा कि बिजली चोरी में विभाग के स्थानीय अधिकारियों की सांठगांठ की आशंका है। क्रशर से तार और अन्य सामग्री जब्त कर ली गई है। तीनों क्रशर मालिकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बिजली चोरी में विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता की जांच भी की जा रही है। आगरा मुख्यालय से छह अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश मिले हैं। इन अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
इनसेट
अधिकारियों पर होनी चाहिए कार्रवाई
पर्यावरण नियमों का पालन न करने पर भरतकूप क्षेत्र के कई क्रशर बंद कराए गए हैं। राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के अध्यक्ष अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि बिजली व खनिज विभाग की कागजी कार्रवाई भी जांच होनी चाहिए। दोनों विभाग के अधिकारियों ने मिलकर सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाई है।