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चित्रकूटः तीन दिन में टेंपो से मुंबई से आए चित्रकूट

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फोटो- 12- लॉकडाउन में मुंबई से टेपों से प्रयागराज जाने को चित्रकूट पहुंचे लोग। - फोटो : CHITRAKUTT
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चित्रकूट। मुंबई में रहकर टेंपो चलाकर आजीविका चलाने वालों की लॉकडाउन में हालत खराब हो गई है। बीमारी से बचने व आजीविका न चल पाने पर अब वो गांव की ओर पलायन कर रहे हैं। गांव आने का कोई साधन नहीं मिला तो सब अपने टेपों से ही चल पड़े। सोमवार को एक दर्जन टेंपो जब शहर के बस स्टैंड के पास पहुंचे तो सभी चौंक गए। टेंपो में करीब 30 लोग सवार थे। इनमें से 6 चित्रकूट के मऊ बरगढ़ के हैं और अन्य प्रयागराज व मिर्जापुर के रहने वाले हैं।
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लॉकडाउन में फंसे लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण का इतना भय है कि वह सब कामकाज छोड़कर अपने गांव पहुंचना चाहते हैं। यहां पर भी वह नियम कानून का उल्लघंन कर दूसरों को मुसीबत में डालने से नहीं चूक रहे। सूरत, पंजाब, महाराष्ट्र व राजस्थान से पैदल व साइकिल से लौटने वालों की श्रेणी में अब टेंपो चालक भी शामिल हो गए हैं। सोमवार को टेंपो से चित्रकूट पहुंचे रामलाल पाल, अरविंद कुमार व गुलाबचंद्र ने बताया कि तीन दिन पहले शुक्रवार को वह मुंबई के ठाणे से चले थे। लॉकडाउन के दौरान उनका व्यापार बंद है।
वह सब टेंपो चलाकर ही परिवार का भरण पोषण करते हैं। अब सारा काम बंद है। उधर ठाणे में भी कोरोना वायरस के मरीज मिलने पर दहशत में थे।
इन्होंने बताया कि वह सब अपने परिवार को लेकर गांव जाने को साधन ढूंढने लगे लेकिन कोई नहीं मिला। इसके बाद सभी ने मिलकर फैसला किया कि अपनी टेपों से ही चलेंगे। सीएनजी से चलने वाली टेपों को गैस कई जगह नहीं मिली तो फिर इसे पेट्रोल से ही चलाना पड़ा। इन सभी ने बताया कि महाराष्ट्र से निकलते समय इनका मेडिकल परीक्षण हुआ था इसके बाद कई राज्य व जिले मिले लेकिन कहीं जांच नहीं हुई। उसी जांच के आधार पर वह आराम से चित्रकूट पहुंच गए। यह भी बताया कि वह जहां भी जांच होती है तो वह सब खुद जाकर जांच कराने को कहते हैं लेकिन पहले से मिले मेडिकल कागज को देख किसी ने जांच नहीं की। इसके बाद प्रयागराज की ओर रवाना हो गए। इनमें से दो टेपों में छह लोग मऊ बरगढ़ निवासी हैं।
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