फोटो- 5- अस्पताल परिसर में बैठे जच्चा बच्चा व परिजन। संवाद
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चित्रकूट। प्रसव पीड़ा से गांव में कराह रही महिला को तीन घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिली। बारिश में परिजन परेशान रहे। किसी तरह उसे लाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जच्चा बच्चा को गांव लौटने के लिए भी दो घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिली।
भरतकूप के गोंडा गांव निवासी विमलेश पटेल ने बताया कि मंगलवार को पत्नी सरोज को प्रसव पीड़ा हुई तो 102 एंबुलेंस को फोन किया। कई बार फोन करने और तीन घंटे इंतजार करने के बाद जब एंबुलेंस नहीं आई तो उसे बाइक से लेकर अस्पताल आ रहे थे। रास्ते में एंबुलेंस मिली तो उसे जिला अस्पताल लाए। अस्पताल में सुरक्षित प्रसव हुआ।
बुधवार की दोपहर अस्पताल से जच्चा बच्चा को छुट्टी दे दी गई। आरोप लगाया कि जच्चा बच्चा को गांव जाने के लिए कई बार फोन करने के बाद भी लगभग दो घंटे बाद एंबुलेंस आई। इससे खुले आसमान के नीचे इंतजार करना पड़ा।
इस संबंध में पूछे जाने पर 108 एंबुलेंस प्रभारी हिमांशु ने बताया कि जानकारी नहीं है। अब संबंधित एंबुलेंस टीम से जानकारी कर रहे हैं। लापरवाही पर कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।