आरोग्य मेला के दिन अस्पताल गेेट में लगा ताला।
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चित्रकट। सभी पीएचसी पर हर रविवार को लगने वाला आरोग्य मेला केवल कागजों तक की ही सीमित रह गया है। अधिकांश अस्पतालों में डाक्टर ही नहीं पहुंचते हैं। किसी का ताला खुलता है तो किसी का नहीं। कुछ में तो केवल वार्ड ब्वाय या स्वीपर ही ताला खोलकर बैठे रहते हैं, जो शाम होते ही तांला बंद कर चले जाते हैं लेकिन रजिस्टर में मरीजों की संख्या फर्जी तरीके से भर दी जाती है। जिम्मेदार जानते हुए भी कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।
जनपद में 26 पीएचसी हैं। इन सभी में हर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। आधे से अधिक अस्पतालों का तो ताला ही नहीं खुलता है। सबसे मजे की बात सीएमओ कार्यालय के पीछे स्थित अर्बन आयुष्मान केंद्र का भी रविवार को ताला नहीं खुलता है। जब मुख्यालय का यह हाल है तो ग्रामीण क्षेत्रों की पीएचसी का क्या होगा। यह तो आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं। अस्पतालों का ताला तो खुलता नहीं, लेकिन रजिस्टर में मरीजों के नाम जरूर लिख दिए जाते हैं। मरीजों के नाम भी फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। ये है स्वास्थ्य विभाग का रवैया। दोपहर करीब 12 बजे अर्बन पीएचसी में इलाज कराने पहुंचे अमर सिंह व अर्चना देवी ने बताया कि बुखार का इलाज कराने आए थे, डाक्टर के इंतजार में काफी देर से बैठे हैं। ताला बंद देख अब लौटना पड़ेगा।
सीएमओ डाॅ. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि रविवार को सभी पीएचसी ने आरोग्य मेला लगाए जाते हैं। अस्पताल में ताला बंद है, इसकी जानकारी नहीं है। पता करके कार्रवाई की जाएगी। अगर मरीजों के फर्जी नाम रजिस्टर में चढ़ाए मिले तो भी कार्रवाई की जाएगी।