अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। रैपुरा थाना क्षेत्र के देउरा गांव में 22 जुलाई को युवक की गोली मारकर हत्या मामले में पुलिस ने उसकी शिनाख्त इनामी डाकू छोटू कोल के रूप में कराई थी। बांदा में सात नवंबर को पुलिस ने विनय शुक्ला उर्फ विधायक को तमंचा समेत पकड़कर पूछतांछ की तो हैरत अंगेज मामला सामने आ गया है। मृतक डाकू छोटू कोल नहीं बल्कि हरियाणा का अनिल उर्फ सुल्तान बताया गया है। पकडे़ गए बदमाश विनय के इस दावे के बाद पुलिस महकमे में अजीब सी खामोशी छा गई है। पुलिस इस खुलासे के बाद डेमैज कंट्रोल में जुट गई है। अपर एसपी बलवंत चौधरी ने कहा है कि उस दौरान मृतक की शिनाख्त पुलिस ने नहीं बल्कि डाकू छोटू के परिजनों ने की थी।
जिले के देउरा जंगल में एक अंजान युवक को गोली मार दी गई। जिसकी 24 घंटे बाद पुलिस के सहयोग से शिनाख्त 50 हजार के इनामी छोटू कोल के रूप में उसके परिजनों ने कर दी थी। इसके पूर्व पुलिस ने बार-बार शिनाख्त का प्रयास किया था लेकिन सफलता नहीं मिली थी। मृतक के हाथ में अनिल गुदा था। बजरंग बली का चित्र भी उकेरा गया था। इसके बावजूद उसकी शिनाख्त डकैत के रूप में की गई थी। जबकि परिजनों ने यह भी आशंका जताई थी कि डाकू छोटू कोल की कुछ उंगलियां खराब थी जो मिले शव में मिलान नहीं कर रही थी। इस संबंध में अमर उजाला ने उस दौरान भी सवाल उठाए थे लेकिन पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि उंगली बाद में सीधी हो गई होगी। दबी जुबान में मृतक की बहनों ने भी छोटू के होने पर शक जताया था।
बांदा में तमंचे के साथ पकड़ा गया विनय शुक्ला उर्फ विधायक ने पुलिस के सामने बताया हरियाणा निवासी अनिल कुमार बरेठी गांव में जमुना के घर में रहता था। इस दौरान उसकी अनिल से दुश्मनी हो गई। इसका बदला लेने के लिए उसने 22 जुलाई को धोखा देकर अनिल को देउरा में बुलाया और गोली मारदी थी। पुलिस के अनुसार आरोपी विनय शुक्ला के पिता दयाशंकर को 80 के दशक में डाकू ददुआ ने मार दिया था। इस मामले में अपर एसपी ने बताया कि 22 जुलाई को मिले शव की शिनाख्त डाकू छोटू कोल के परिजनों ने की थी। उसका डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया है। अब इस खुलासे के बाद डाकू के परिजनों पर कानूनी कार्रवाई होगी और आरोपी विनय के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होगा।