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Chitrakoot News: धान खरीद केंद्रों में अव्यवस्था, किसानों की दुश्वारियां बढ़ीं

Mon, 12 Jan 2026 11:33 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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फोटो 12 सीकेटीपी 06 नवीन गल्ला मंडी में कूड़ा जलाकर तापते किसान। संवाद - फोटो : सांकेतिक
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चित्रकूट। कड़ाके की ठंड के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित धान खरीद केंद्रों की अव्यवस्था से किसानों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इन केंद्रों पर न तो रुकने और न ही अलाव की व्यवस्था है, जिसके कारण किसान अपने गांवों के नजदीक खुले केंद्रों के बजाय जिला मुख्यालय पर धान बेचने के लिए मजबूर हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि रात के समय इन केंद्रों पर रुकना असुरक्षित है और चोरी-चकारी का भी भय बना रहता है।
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जिले में धान खरीद के लिए कुल 14 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से अधिकांश ग्रामीण इलाकों में हैं। इनमें पहाड़ी, बसिला, बरगढ़, ऐचवारा, गाहुर, हरदौली, खंडेहा, मऊ, परसौंजा और रामनगर जैसे स्थान शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जिला मुख्यालय की गल्ला मंडी में विपणन शाखा और मंडी समिति द्वारा दो अलग-अलग केंद्र स्थापित किए गए हैं।
ग्रामीण धान केंद्रों की दयनीय स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राजापुर क्षेत्र के चांदी गांव के किसान भोंदू ने बताया कि ग्रामीण केंद्रों पर रात बिताने की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही अलाव जलाए जाते हैं। ऐसे में, बढ़ती ठंड में रुकना अत्यंत कठिन हो जाता है। इसके विपरीत, जिला मुख्यालय के केंद्रों पर किसानों को रुकने और खाने-पीने की सुविधा मिल जाती है, जिससे वे अधिक सहज महसूस करते हैं।
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भोंदू ने बताया कि उन्होंने जिला मुख्यालय पर ही 54 क्विंटल धान बेचा। इसी प्रकार, मऊ क्षेत्र के सुरौंधा गांव के प्रेम कुमार ने भी 39 क्विंटल धान जिला मुख्यालय पर बेचा। मंडी समिति के केंद्र प्रभारी सुनील कुमार और विपणन शाखा के केंद्र प्रभारी विनय मिश्रा ने आश्वासन दिया है कि वे किसी भी गांव के किसान से धान खरीदने को तैयार हैं, भले ही वह जिला मुख्यालय पर आएं।


उधर, खाद्य विभाग के विपणन अधिकारी अविनाश झा ने दावा किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खुले धान केंद्रों पर अलाव जलाने और किसानों के रुकने की व्यवस्था की गई है और शासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान को कोई समस्या आती है तो वे उनसे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष धान खरीद का कुल लक्ष्य 10 हजार मीट्रिक टन है, जिसमें से अब तक 804 किसानों ने 4927.74 मीट्रिक टन धान बेचा है। हालांकि, किसानों का अनुभव अधिकारियों के दावों से भिन्न प्रतीत होता है, जो ग्रामीण खरीद केंद्रों की अव्यवस्था की ओर इशारा करता है।

फोटो 12 सीकेटीपी 06 नवीन गल्ला मंडी में कूड़ा जलाकर तापते किसान। संवाद- फोटो : सांकेतिक

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