चित्रकूट। गांवों की सरकार बदल गई है। निर्वाचित प्रधानों ने जिम्मेदारी भी संभाल है लेकिन गोशालाओं व अन्ना मवेशी के हालातों पर कोई सुधार नहीं हुआ है। पहाड़ी ब्लाक की जमहिल गांव की गोशाला खाली पड़ीं हैं। अन्ना मवेशी गांवों में घूम रहे हैं। स्थानीय लोगों ने अन्ना मवेशियों को गोशालाओं तक पहुंचाएं जाने की मांग की है।
जमहिल गांव में जिला प्रशासन के निर्देश पर अस्थाई गोशाला बनाई गई है। जिसमें आसपास के छह गांव के अन्ना मवेशियों को रखकर उनके भोजन पानी का इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। अब हालात यह है कि इस गोशाला में एक भी गोवंश नहीं है न चरवाहों का पता है और न ही गोवंश हैं। विश्व हिंदू परिषद गोरक्षा विभाग के जिलाध्यक्ष महंत भरतदास महराज ने कहा कि यह बेहद कष्टप्रद है कि जिन गोवंशों की रक्षा के लिए अस्थाई गोशाला बनाई गई थी उसकी देखरेख नहीं हो रही है। आरोप लगाया कि जानबूझकर इस गोशाला से गोवंशों को हटा दिया गया है। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है। पूर्व प्रधान राजप्रकाश मिश्र ने कहा कि जबतक वह देखभाल कर रहे थे तो गोशाला में गोवंश थी अब कहां चली गई उन्हें नहीं पता। प्रधान हरप्रसाद ने बताया कि गोशाला की हालत सुधारने के लिए सचिव से मिलकर काम किया जाएगा। उन्हें तो खाली गोशाला मिली है।