पहले खरीफ की फसल चौपट हुई अब रबी की फसल को लेकर संशय है। सूख झेल रहे बुंदेलखंड के किसानों के सामने मवेशियों के चारे का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में कुछ किसानों ने अपने मवेशी अन्ना करके रोजी-रोटी की तलाश में शहरों की तरफ पलायन कर गए है। वहीं बडे़ किसान अन्य प्रदेशों से भूसा खरीद कर मवेशियों के पेट भर रहे है। भूसे का खर्च उठाने के लिए किसान दूध बेंच रहे है।
जिला मुख्यालय से सटे गांव तेजीपुर के दुधारू पशु पालक स्माइल, राजा पटेल, चुनूबाद, लखन व देवशरण समूह बनाकर मध्य प्रदेश के नागौद से 800 रुपये क्विंटल के भाव से एक ट्रक भूसा खरीदकर लाए है। वहीं जिले में भूसे का भाव 900 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। प्रशासन को भी किसानों की इस समस्या की फिक्र है। हाल ही में मुख्य सचिव के मंडलीय दौरे के बाद मुख्यमंत्री ने 14 करोड़ रुपये भूसे के लिए आवंटित किया हैं। जिसमें चित्रकूट जनपद के लिए जल्द धनराशि भेजी जाएगी।