चित्रकूट। शिष्य को मध्यस्थता कर तीन करोड़ रुपये दिलाने के चक्कर में कथावाचक फंस गए। आरोपियों ने कथा वाचक के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कराई। जिस पर अब कथावाचक ने फंसाने वाले के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश पर पुलिस ने लखनऊ के एक ठेकेदार समेत सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
चित्रकूट के चरखारी मंदिर के कथावाचक चंदन दीक्षित ने बताया कि भोपाल के अयोध्या नगर निवासी शिष्य मदन गुप्ता को मौरंग घाट के पट्टा के लिए लखनऊ के इंदिरा नगर निवासी एक अन्य शिष्य मनीष ओझा के मित्र ठेकेदार गोमतीनगर लखनऊ निवासी जितेंद्र पांडेय उर्फ नीलम पांडेय से ब्याज पर 23 फरवरी 2023 को आरटीजीएस के माध्यम से तीन करोड़ रुपये साधना स्टील के खाता में दिलाया था। कथा वाचक ने बताया कि एक साल में दो करोड़ आठ लाख रुपये अलग-अलग खाता में दिया गया। उसके बाद कथावाचक व मदन के खिलाफ गलत आरोप लगाकर झूठा मुकदमा करा दिया। इनके शोषण व उत्पीड़न से आजिज आ गया।
आरोप लगाया कि ठेकेदार ने अपने साथी गोंडा जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र के बसालतपुर ज्ञानपुर निवासी पंकज मिश्रा से भी उनके खिलाफ एक मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके बाद लखनऊ स्थित कार्यालय में बुलाकर पिस्टल दिखाकर छह चेक व सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिया। आरोपी के साथ गोमतीनगर लखनऊ निवासी रणविजय सिंह, सुनील कुमार द्विवेदी, मुलायमनगर चिनहट निवासी अविलास द्विवेदी, गोंडा निवासी पंकज मिश्रा, इंदिरानगर निवासी मनीष सोनी व गोमतीनगर निवासी शशांक पांडेय वसूली व ठगी करते हैं। कथावाचक ने बताया कि पुलिस से कई बार शिकायत की थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरी में न्यायालय की शरण में जाना पड़ा।
एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर कोतवाली कर्वी में सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरु कर दी गई है।