भरतकूप के बगैहापुरवा में सामूहिक नरसंहार की घटना में फांसी व आजीवन कारावास की सजा पाने वाले आरोपियों के घर शनिवार को भी चूल्हा नहीं जला। घरों सन्नाटा रहा और मौजूद इक्का दुक्का लोगों के चेहरे पूरी तरह मायूस नजर आए। सभी ने एक सुर में कहा कि उनके परिजनों को फंसाया गया है। मुख्य आरोपी तो पहले ही मर चुके हैं, लेकिन अदालत के फैसले के आगे उनकी एक नहीं चल रही।
65 वर्षीय महेश्वरी पटेल और 62 वर्षीय मंदी पटेल की पत्नी रो-रोकर बुरा हाल है। कुछ बात करते ही महिलाएं फफक पड़ती हैं। बस इतना कहा कि इत्ती बढ़ी सजा के उम्मीद नहीं रहै आए। मारय वाले मर गए पर उनीहिन कै मडैई छुरै फंस गे। वहीं आरोपों से बरी हुए राजा पांडेय व अशोेक पटेल के परिजनों ने कहा कि भगवान आए बचाइस हवै।