साढ़े छह करोड़ की लागत से बन रहा विकास भवन साढ़े पांच साल में भी अधूरा है। इस कारण कार्यालय को मुख्यालय के एक छोटे भवन में संचालित कराया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर पुराने जिला अस्पताल भवन में भी कुछ विभाग के संचालन करने के निर्देश डीएम ने दिए है। भवन निर्माणाधीन है, लेकिन काम बहुत ही मंद गति होने से होने के कारण अब तक सिर्फ ग्राउंड फ्लोर तैयार हो पाया है। वहीं कार्यदायी संस्था ने शासन से बजट बढ़ाने की मांग की है।
जिला बनने के बाद जब कलेक्ट्रेट और जिला अस्पताल के लिए सोनेपुर मार्ग पर भूमि उपलब्ध कराई गई तो विकास भवन भी इसी मार्ग पर बनना तय हुआ था। कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विस (सीएनडीएस) को इसके निर्माण की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 2008-2009 में तत्कालीन सपा सरकार के कार्यकाल में विभाग ने इसके लिए छह करोड़ 50 लाख के बजट का प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद छह फरवरी 2011 को तत्कालीन बसपा सरकार के मंत्री दद्दू प्रसाद ने इसका शिलान्यास किया था। तब से भवन निर्माणाधीन है। सीएनडीएस के इस निर्माण का ठेका लखनऊ के एक ठेकेदार संतोष के पास है।
उन्होंने बताया जितना बजट मिल रहा है उसी हिसाब से निर्माण जारी है। फिलहाल भवन का ग्राउंड फ्लोर तैयार है। सीएनडीएस के परियोजना प्रबंधक डीपी सिंह ने बताया 2008 में जो निर्माण के लिए धन मांगा गया था पहले तो वह दो साल बाद पास हुआ। अब निर्माण सामग्री व अन्य महंगाई के कारण लागत बढ़ती जा रही है। शासन को पत्र लिखकर बजट बढ़ाने की मांग की गई है। उधर भवन निर्माण पूरा न होने से विकास भवन मुख्यालय के सीआईसी रोड पर एक छोटे भवन में संचालित है। स्थिति देखते हुए डीएम मोनिका रानी ने पुराने अस्पताल के खाली भवन में विकास भवन के कुछ विभाग के संचालन कराने के निर्देश दिए हैं।