चित्रकूट। श्रीराम की तपोभूमि की पवित्र मंदाकिनी नदी में नौका विहार पर्यटकों के लिए असुरक्षित साबित हो रहा है। रविवार को संवाद न्यूज़ एजेंसी की पड़ताल में रामघाट पर सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां सामने आईं। पड़ताल में सामने आया कि नौका विहार में नाबालिग नाविक नाव चला रहे थे। नौका में सवार श्रद्धालुओं को जीवन रक्षक जैकेट नहीं दी गई थी, घाट से नाव तक पहुंचने को बैरिकेडिंग भी नदारद मिली। यहां तक कि नाव में सवारियों को बैठाने का मानक भी तय नहीं है। सुरक्षा नियमों में अनदेखी से हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक चित्रकूट के रामघाट पर मंदाकिनी नदी में नौका विहार का आनंद लेने आते हैं। वृंदावन में यमुना में हुए हादसे के बाद भी जिम्मेदारों ने इससे सबक नहीं लिया। (संवाद)
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सवारी बैठाकर गायब हुआ नाविक
सुबह नौ बजे कानपुर से आया एक परिवार नाव में बैठा, लेकिन नाविक उन्हें बीच में बैठाकर कहीं चला गया। परिवार के लोगों ने बताया कि उन्होंने लाइफ जैकेट के बारे में पूछा था, लेकिन नाविक ने आश्वासन देकर टाल दिया। अब वे उसके लौटने का इंतजार कर रहे थे।
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नाबालिग नाविक, बिना लाइफ जैकेट के सवारियां
सुबह 9:49 बजे मध्य प्रदेश के रीवा जिले से आए 12 श्रद्धालु रामघाट पहुंचे। यहां खड़े एक नाबालिग नाविक ने सभी को नाव में बैठाया। नाव में किसी के पास लाइफ जैकेट नहीं थी। नाविक ने खुद स्वीकार किया कि सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं।
बिना बैरिकेडिंग के नाव में चढ़ते लोग
सुबह 10 बजे घाट पर एक परिवार, इसमें छोटे बच्चे भी शामिल थे। नाविक बिना किसी बैरिकेडिंग के नाव में चढ़ता दिखा। न तो कोई सुरक्षा कर्मी मौजूद था और न ही कोई रोक-टोक। जरा सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती थी।
रामघाट पर मंदाकिनी में चलतीं 300 नावें
धर्मनगरी में रामघाट पर करीब 300 से ज्यादा का संचालन होता है। ज्यादातर सभी नाविक मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। कुछ नाविक अपना पंजीयन मध्य प्रदेश के नयागांव नगर पालिका में कराए हैं। तो अधिकांश के पास बिना लाइसेंस के हैं। लेकिन सुरक्षा के इंतजाम किसी के पास नहीं है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन नावों को चलाने वालों में बड़ी संख्या नाबालिगों की है।
-रामघाट पर पहले भी हो चुके नाव पलटने के हादसे
-21 फरवरी 2025 को रामघाट मंदाकिनी नदी में क्षमता से अधिक 22 सवारी बैठाने पर नाव नदी में पलट गई। इसमें भी सभी सुरक्षित निकाला गया। इस नाव चालक के पास भी लाइसेंस नहीं रहा।
-15 मार्च 2022 को भरत घाट के पास 36 लोगों ले जा रही नाव पलट गई। सभी को बचा लिया गया था।
बोले जिम्मेदार-
रामघाट में नाविक मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के बॉर्डर का फायदा उठाते हैं। कार्रवाई के समय वह मध्य प्रदेश चले जाते हैं। अधिकतर वहीं के निवासी हैं और रजिस्ट्रेशन भी मध्य प्रदेश में करवाए हैं। रामघाट में नगर पालिका द्वारा एक बूथ बनाने की तैयारी है, इसमें प्री-पेड नावों का संचालन होगा। इससे यात्रियों को सुरक्षा मिलेगी। - नरेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद।
धर्मनगरी में रामघाट पर मंदाकिनी नदी में नौका विहार के दौरान सुरक्षा के मानकों का अनुपालन जरूरी है। सभी नाविकों को निर्देश दिए गए हैं कि वो सेफ्टी जैकेट के साथ ही बोट चलाएं।
- पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी।
फोटो-12सीकेटीपी 18- नाविक विहीन नाव पर बैठीं सवारियां। संवाद- फोटो : युवक की मौत के बाद ग्रामीणों एवं परिजन ने एटा शिकोहाबाद मार्ग पर लगा दिया जाम। संवाद
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