पटेल तिराहे पर बुधवार को किसान महापंचायत हुई। इसमें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश सिंह टिकैत ने कहा कि बुंदेलखंड के किसानों के हालात बदतर हैं। उनकी बेहतरी के लिए भाकियू हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल भाजपा शासित राज्यों में ही केंद्र ने मुआवजा दिया है। प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह ने बताया कि पंचायत चुनाव में यूनियन प्रतिनिधि उतारेगी।
उन्होंने किसानों के लिए 25 हजार रुपये प्रति हेक्टेअर मुआवजे की मांग की। कहा कि नरेंद्र मोदी ने केंद्र में भाजपा सरकार बनने से पहले कहा था कि वह किसानों के हित के लिए काम करेंगे और किसान यूनियनों से वार्ता करेंगे। सरकार बने डेढ़ साल हुए लेकिन आज तक कोई बातचीत नहीं हुई। तीस सितंबर को किसान सड़क पर उतरेगा और सरकार के खिलाफ बिगुल फूंकेगा। उन्होंने बुंदेलखंड के किसानों के लिए अलग पैकेज की जरूरत बताई।
कहा कि भाकियू किसानों के कर्ज माफ करने की मांग करेगी। बताया कि एक नवंबर से मंडल कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना देंगे। जिलाध्यक्ष रामसिंह ने जिला प्रशासन पर किसानों की अनदेखी के आरोप लगाए। वक्ताओं ने अन्नाप्रथा, किसान फसल बीमा, अनुदान, बंद नहरों समेत अन्य मुद्दे उठाए। मौके पर जगदीश सिंह, राजवीर सिंह जादौन, अनिल तालान के अलावा जिलाध्यक्ष राम सिंह पटेल, राजकिशोर सिंह, शिवदयाल सिंह, कृष्ण कुमार गौतम, हरबख्श सिंह, शैलेंद्र सिंह, सुंदर लाल सिंह, रवि कुमार आदि मौजूद रहे। बाद में तहसीलदार एके सिंह के माध्यम से इन लोगों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।