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तीन दिवसीय शरद उत्सव शुरू

Sat, 15 Oct 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
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अमृत पाने की चाह में बैठे श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
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चित्रकूट। शरद पूर्णिमा पर्व पर 16 कलाओें से पूर्ण चंद्रमा को देखने के लिए आधी रात को लाखों श्रद्धालु रामघाट में डटे रहे। मंठ, मंदिरों मेें भजन-कीर्तन का कार्यक्रम चलता रहा। रामघाट से लेकर परिक्रमा मार्ग तक रातभर श्रद्धालुओं की टोली अमृत पाने की आस में मौजूद रही। इस पर्व में आए श्रद्धालुओं को गुलाबी ठंड का भी एहसास हुआ।
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मान्यता है कि शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा के दर्शन करने से मन में शांति मिलती है। इसके साथ ही इस दिन चंद्रमा के रोशनी में खीर रख सुबह खाने से वह शरीर के लिए अमृत का कार्य करती है। इस पर्व को धर्मनगरी में मनाने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु रामघाट में एकत्र हुए।

चांद की रोशनी में रामभर भजन कीर्तन हुए। वही मठ मंदिरों में सुबह होने पर श्रद्धालुआें ने खीर चखा।  दीनदायाल शोध संस्थान में तीन दिवसीय शरद उत्सव कार्यक्रम की शुरुआत हुई। पहले दिन मप्र के उच्चशिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवइया और पंजाबी भगवान आश्रम के महंत राजकुमार दास की मौजूदगी में रामनाथ गोयनका घाट में सियारामकुटीर नृत्य नाटिका व भक्ति संगीत का कार्यक्रम हुआ। मुंबई की नृत्य नाटिका कृष्णा प्रिया की संजना ठाकुर ने भारतीय गीत संगीत व नृत्य से समां बांधा। इसके बाद कीर्ति बैले एंड परफार्मिंग आर्ट भोपाल के कलाकारों ने बैले नृत्य का प्रदर्शन किया। भजन गायक पवन तिवारी के गीतों का कार्यक्रम देर रात तक चला।
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दमा रोगियों ने खीर के साथ खाई दवा
चित्रकूट। दमा रोग से पीड़ित रोगी देश भर से शरद पूर्णिमा पर्व में धर्मनगरी में एकत्र हुए। इस रोग से पीड़ित मरीजों को मठ मंदिरों में चांद की रोशनी में रखी गई खीर को दवा मिलाने के बाद मरीजों को खिलाई गई। बताया जाता है कि इस का प्रयोग करने से दमा के मरीजों को फायदा होता है। इसके लिए परिक्रमा मार्ग से लेकर कई मंदिरों क े बाहर श्रद्धालु पत्तल में खीर रखकर बैठे। वहीं आग सुलगाकर गुलाबी ठंड से भी बचते रहे।

साठ रुपये लीटर बिका दूध
चित्रकूट। खीर बनाने के लिए एक दिन में धर्मनगरी में हजारों लीटर दूध बिकने से दूध के भाव बढ़ जाते हैं। दूधवालों की शदर पूर्णिमा को चांदी हो जाती है। आमतौर पर 30 रुपये लीटर वाला दूध दुकानदारों ने 60 रुपये लीटर तक बेचा।
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