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Chitrakoot News: बांके सिद्ध तीर्थ स्थल उपेक्षित, नहीं हुआ अधूरी सड़क का निर्माण

Tue, 09 Jun 2026 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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चित्रकूट। धर्मनगरी में ऐतिहासिक तीर्थ स्थल बांके सिद्ध उपेक्षा का शिकार है। यह वह पावन स्थल है, जहां श्रीराम ने वनवास काल में सिद्ध बाबा को दर्शन दिए थे। हजारों वर्ष पुराने अमूल्य भित्ति चित्रों के बावजूद पर्यटन और पुरातत्व विभाग की अनदेखी से इसका विकास रुका हुआ है। हालांकि लोक निर्माण विभाग अधूरे सड़क निर्माण में वन विभाग का अड़ंगा बता रहा है।
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बांके सिद्ध मुख्यालय से छह किमी दूर हवाई पट्टी के नीचे स्थित है। यह 84 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा का महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां हजारों तीर्थयात्री और साधु-संत गुजरते हैं। स्थल पर हजारों वर्ष पुराने अमूल्य भित्ति चित्र इसकी ऐतिहासिक महत्ता दर्शाते हैं। यहां की गुफाएं आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र भी मानी जाती हैं। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बताते हैं कि बांके सिद्ध तक पहुंचने के लिए लोक निर्माण विभाग ने तीन किमी सड़क बनाई थी। करीब 300 मीटर सड़क अधूरी छोड़ दी गई। अभी तक जिम्मेदार द्वारा इसे बनाया नहीं गया है।



कई बार मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत भी की जा चुकी है। पहले तो बजट की कमी और अब वन विभाग की जमीन होना बता कर विभाग पल्ला झाड़ रहा है।



बोले जिम्मेदार-



बांके सिद्ध तीर्थ स्थल जाने वाले मार्ग के निर्माण में वन विभाग का रोड़ा है। अधूरी सड़क की जमीन वन विभाग अपनी बता रहा है। अनुमति न मिलने से काम बंद है।
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संजीत श्रीवास्तव, सहायक अभियंता, लोनिवि प्रांतीय खंड

वन विभाग की जमीन पर निर्माण कराने से पहले केंद्र सरकार से अनुमति लेनी होती है। अनुमति मिलने के बाद मुआवजा के साथ ही दूसरी जगह पर जमीन देने का भी प्रावधान है। उसके बाद ही कार्य कराए जा सकते हैं।
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राजीव रंजन सिंह, एसडीओ, वन विभाग।
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