चित्रकूट। पाठा क्षेत्र के एक घर में घुसकर प्रधान पति का अपहरण कर मारपीट, गाली गलौज व जबरन वसूली करने के दोषी डाकू छोटू कोल को विशेष न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने छह वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई। नौ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इसी मामले में नामजद डाकू बबुली व लवलेश कोल की मौत हो चुकी है।
मानिकपुर थाना क्षेत्र के खिचरी गांव की तत्कालीन ग्राम प्रधान मुन्नी देवी ने बताया कि छह अगस्त 2016 को वह रात में अपने घर में सो रही थी। रात करीब दो बजे चार डकैत घर का दरवाजा खुलवाकर अंदर आ गए। बंदूक के दम पर बदमामों ने उसके पति मुकुंद लाल को पकड़ कर गांव के बाहर ले गए। पीछे-पीछे वह भी गई तो बदमाशों ने दो लाख रुपये की मांग की और पति को घर से रुपये लाने के लिए छोड़ दिया। इसके बाद पति जान बचाकर खेतों की ओर से भाग आया उधर उसकी पत्नी भी घर आ गई।
कुछ देर बाद डाकू बबुली, लवलेश कोल व छोटू कोल प्रधानपति के घर आए और रुपये मांगने लगे। डर कर उसने 10 हजार रुपये दे दिए। और रुपये न देने पर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ डकैतोंने मारपीट की। चिल्लाने की आवाज सुनकर ग्रामीण एकत्रित होने लगे ताे बदमाश पांच साल प्रधानी न कर पाने की धमकी देते हुए भाग गए। पुलिस ने मामले में तत्कालीन डकैत सरगना बबुली कोल, लवलेश कोल व छोटू उर्फ छोटवा कोल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया था। तीनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। बाद में डाकू बबुली कोल व लवलेश कोल पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे। जबकि छोटू उर्फ छोटवा कोल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बुधवार को मुकदमा की सुनवाई पूरी करते हुए विशेष न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने जेल में बंद दोषी छोटू कोल को सजा सुनाई।