चित्रकूट। बंदी साफ सफाई का ध्यान रखें। नियमित योग करें और स्वस्थ रहें। यह बात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव विदुषी मेहा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कही।
सचिव द्वारा बताया कि सात वर्ष तक की सजा के दंडनीय मामलों में अंतरिम जमानत पर रिहा किया जा रहा है। ऐसे बंदी अपना प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भिजवा सकते हैं। अब तक 63 विचाराधीन बंदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा किया जा चुका है। मुकदमे में पैरवी के लिए अधिवक्ता नहीं है, तो जेल अधीक्षक के माध्यम से प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित कर नि:शुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। जेल में कोविड नियमों का पालन अवश्य करें।