चित्रकूट। अपर सत्र न्यायाधीश राममणि पाठक ने बरगढ़ के कपड़ा कारोबारी के बेटे आयुष के अपहरण व हत्याकांड में दो आरोपियों इरशाद अंसारी और नौशाद अंसारी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
बीते 22 जनवरी 2026 को कपड़ा कारोबारी अशोक केसरवानी के बेटे आयुष का अपहरण किया था और 40 लाख की फिरौती मांगी थी। फिरौती न मिलने पर आरोपियों ने आयुष की हत्या कर शव को किराए के मकान में पानी की टंकी खोदकर छिपा दिया था। हालांकि पुलिस ने शव बरामद किया था। मुठभेड़ में पुलिस ने एक आरोपी कल्लू मारा गया था। जबकि इरफान को गिरफ्तार किया था। विवेचना में अन्य आरोपियों इरशाद अंसारी और नौशाद अंसारी के नाम सामने आए थे। दोनों जिला कारागार में निरुद्ध हैं।
अधिवक्ता ने दोनों की जमानत के लिए अर्जी डाली थी। सुनवाई में गवाहों के बयानों से स्पष्ट हुआ कि दोनों आरोपियों ने इरफान और कल्लू के साथ मिलकर आयुष का अपहरण कराया था। बाद में उसकी हत्या में भी शामिल थे। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने का कोई पर्याप्त आधार नहीं पाया।
महिला से मारपीट-गाली-गलौज का आरोपी को शर्त पर रिहा
चित्रकूट। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी अनुराग कुरील ने महिला से मारपीट और गाली-गलौज के मामले में आरोपी मुग्गी उर्फ नवल को दोषी ठहराया। उन्होंने उसे अच्छे आचरण की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया है। दोषी को पीड़ित महिला को पांच हजार रुपये मुआवजा भी देना होगा। मामला कर्वी कोतवाली क्षेत्र का है। महिला ने आरोपी पर 19 जुलाई 2022 को घर में घुसकर मारपीट और 20 जुलाई को दोबारा मारपीट, दुष्कर्म व धमकाने के आरोप लगाए थे। कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी।दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायालय को दुष्कर्म व अन्य आरोपों के साक्ष्य नहीं मिले। इस पर न्यायालय ने 15 दिन के भीतर आरोपी को अच्छे आचरण पर रिहा करने और 20 हजार रुपये की दो जमानत और स्वयं का बंधपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।