चित्रकूट। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट /अपर सत्र न्यायाधीश राहुल मिश्रा की अदालत ने 9.700 किग्रा गांजा बरामदगी मामले में आरोपी मेनाज अहमद की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। उसे नौ अप्रैल को तीन अन्य सह-आरोपियों के साथ गिरफ्तार किया गया था।
रैपुरा थाना पुलिस बीते नौ अप्रैल को राजापुर मार्ग पर वाहन चेकिंग कर रही थी। इस दौरान एक गाड़ी रोकी। गाड़ी की तलाशी लेने पर उसमें सवार चार व्यक्तियों में से एक मेनाज अहमद था। वाहन की डिग्गी से 9.700 किग्रा सूखा गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सड़क से गुजरने वाले व्यक्तियों और ट्रक चालकों को गांजा बेचते थे।
मेनाज अहमद के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उसे झूठा फंसाया गया है और उसके पास से कोई मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ। अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी को गांजे के साथ पकड़ा गया था। मामले की विवेचना अभी जारी है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने पक्ष व विपक्ष की दलीलें सुनी।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जिस गाड़ी में आरोपी मेनाज अहमद बैठा था, उसी की डिग्गी से 9.700 किग्रा गांजा बरामद हुआ। आरोपियों ने गांजा बेचने की बात स्वीकार की थी। गांजा कहां से खरीदा गया और किसे बेचा जाना था। इन बिंदुओं की विवेचना बाकी है। इन कारणों के चलते अदालत ने आरोपी मेनाज की जमानत याचिका खारिज कर दी।