- कोर्ट में बोला- हुजूर गलती हो गई, जुर्म इकबाल करता हूं
- मई 2017 में बेटी की शादी में दहशत फैला लूटी थी रकम
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। पाठा के बीहड़ों में बंदूक के बल पर दहशत फैलाने वाले कुख्यात बबुली कोल गिरोह के सदस्य रजोला उर्फ चौधरी को बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश ने सात साल की सजा सुनाई और आठ हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। दोषी ने कोर्ट में कहा- हुजूर गलती हो गई, जुर्म इकबाल करता हूं। लगभग आठ साल से जेल में हूं, कोई पैरवी करने वाला नहीं है।
लक्ष्मणपुर निवासी राजेंद्र रैदास ने 16 मई 2017 को मानिकपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि 15 मई 2017 को उसकी बेटी दीपा की शादी थी। हमीरपुर के मल्हेटा से बरात आई थी। रस्मों के दौरान दस्यु बबुली कोल, लवलेश कोल अपने सात-आठ बदमाशों के साथ पहुंचे। उन्होंने बस और स्कार्पियो सवार लोगों को पीट कर रुपये, मोबाइल लूटे और गाड़ियां क्षतिग्रस्त कर दीं। जनवासे में बरातियों को भी पीटा। गाली-गलौज और हवाई फायरिंग करते हुए भाग गए। कुछ महीनों बाद बबुली और लवलेश पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। काफी दिनों बाद मामले में बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के नौबस्ता निवासी रजोला उर्फ चौधरी को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश राममणि पाठक ने दोषी रजोला उर्फ चौधरी को सजा सुनाई।