चित्रकूट/भरतकूप। धर्मनगरी का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल भरतकूप जहां भगवान श्री भरत चित्रकूट आने पर स्वयं अपने हाथों से सभी तीर्थों की नदियों का पानी जल छोड़ा उसी स्थान के जल को अयोध्या से भरत यात्रा में आए महंत, संत व श्रद्धालुओं ने जल का आचमन किया। इस दौरान महंतों ने श्रद्धाुलओं को भगवान श्रीराम व श्री भरत की व्यक्तित्व के बारे में बताया।
अयोध्या के मणिदास की छावली से निकली भरत यात्रा शनिवार को धर्मनगरी के भरतकूप तीर्थ स्थल पहुंची। जहां जिस कुए में भगवान श्री भरत ने अपने हाथों से विभिन्न तीर्थ स्थलों की नदियों का पानी डाला था उसी का आए श्रद्धालुओं ने अचमन किया।
मंदिर में भगवान श्रीराम सहित लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन व माता की मूर्ति के दर्शन किया। तीर्थ स्थल पर आए महंतों ने बताया रामशरण दास ने श्रद्धालुओं को बताया कि भगवान श्रीराम को सबसे अधिक प्रिय श्री भरत रहते थे। भरत यात्रा के आने से चित्रकूट के विभिन्न तीर्थ स्थलों का दर्शन करने का लाभ मिलता है।
धर्मनगरी के हनुमानधारा स्थल का भी दर्शन किया। इसके बाद देर शाम रामघाट में भरत सभा का आयोजन किया जाएगा। भरत मंदिर में दिव्यजीवन दास महाराज के नेतृत्व यात्रा में आए श्रद्धालुओं को भोजन खिलाया गया। इस मौके पर अध्योध्या के महंत कमलनयन दास,बजरंग दास, रामशरणदास, रामायणी दास, महंत रामगोपल दास सहित चित्रकूट के महंत व संत मौजूद रहे। यात्रा रविवार की सुबह छह बजे प्रयाग के लिए रवाना हो जाएगी।