फोटो 19 सीकेटीपी 03 डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऑडिटोरियम, इसी इमारत की उड़ गई थी छत। आर्काइव।
= 4.50 करोड़ की इमारत की छत उड़ी, राजकीय निर्माण निगम दे रहा चकमा
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। सरकारी पैसों से बनी इमारतें कितनी मजबूत हैं, इसका सबूत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऑडिटोरियम दे चुका है। 4.50 करोड़ की लागत से बनी इस इमारत की छत दो महीने पहले आई आंधी में कागज की तरह उड़ गई थी। हादसे को दो महीने से ज्यादा बीत गए, लेकिन जांच रिपोर्ट आज तक नहीं बन पाई।
नौ जून की शाम को आई आंधी-तूफान से ऑडिटोरियम की छत भरभराकर गिर गई थी। हादसे के बाद डीएम पुलकित गर्ग ने एडीएम स्वप्निल यादव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई थी। टीम को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देनी थी। जांच पूरी भी हो गई, लेकिन अड़ंगा कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निर्माण ने लगाया। टीम ने निर्माण में अनियमितताओं के लिए निगम को नोटिस भेजा। जवाब नहीं आया। फिर नोटिस भेजा, फिर भी चुप्पी। इसी लेटलतीफी के कारण जांच रिपोर्ट फाइलों में दबी है।
दो माह बाद नहीं पूरा हुआ मरम्मत कार्य
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऑडिटोरियम की मरम्मत भी रेंग रही है। डीएम ने बीस दिन में काम पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्यदायी संस्थान ने उसे भी ठंडे बस्ते में डाल दिया। दो महीने बाद भी मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो सका।
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ऑडिटोरियम की जांच पूरी हो चुकी है। कार्यदायी संस्था को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है, लेकिन अभी तक जवाब नहीं दिया है। दो दिन में जवाब नहीं मिलता है तो रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। - स्वप्निल यादव, एडीएम, नमामि गंगे