अवैध खनन रोकने के लिए गश्त कर रही वनकर्मियों की टीम पर शनिवार देर रात कोल मजदूरों ने हमला कर दिया। कुल्हाड़ी, बल्लम, फरसा व लाठियों से लैस मजदूरों के हमले में जीप में सवार सभी छह वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। वॉचर की मौके पर ही मौत हो गई। दो को गंभीर हालत में इलाहाबाद रेफर किया गया। घायलों में दो वन दरोगा भी शामिल हैं। डीएफओ ने वारदात के पीछे खनन माफिया का हाथ बताया है।
वन दरोगा शिवरामपुर निवासी गिरधारी लाल यादव (55) ने बताया कि शनिवार रात वे गश्त पर निकले थे। उनके साथ वन दरोगा हरीशंकर (50) निवासी अरई (संत रविदासनगर भदोही), वॉचर रामस्वरूप यादव (50) निवासी वीरामाफी चौकी शिवरामपुर, वनकर्मी शेखर (22) निवासी महोबा और कल्लू (30) पुत्र जगदीश प्रसाद निवासी पटेलनपुरवा शिवरामपुर भी थे। संविदा कर्मी ललक सिंह पुत्र जयनारायण सिंह निवासी बल्दाऊगंज वाहन चला रहा था। रात 12 बजे वन कर्मियों की जीप जैसे ही पहरा वन ब्लाक में व्यास कुंड के पास पहुंची, लगभग सौ लोगों के झुंड ने उनका रास्ता रोक लिया और जोरदार हमला कर दिया। सभी कच्छा-बनियान में थे।
वन कर्मियों की चीखें सुनकर पास के गांव से किसी ने चौकी भरतकूप फोन किया। पुलिस आने की भनक लगते ही हमलावर वनकर्मियों की राइफल व एक दोनाली बंदूक लूटकर भाग गए। पुलिस ने सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां वॉचर रामस्वरूप को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल शेखर और कल्लू को इलाहाबाद रेफर किया गया है। रविवार शाम को कोतवाली पुलिस ने 18 लोगों को नामजद करते हुए कई अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। नामजद किए गए सभी हमलावर कोल बिरादरी के हैं।