ग्राउंड जीरो रिपोर्ट
05 सीकेटीपी-03-रामघाट में हुआ गड्ढा। संवाद
05 सीकेटीपी-04-उतारा बाजार जाने वाले रास्ते में जमा मलबा। संवाद
05 सीकेटीपी-05-आरोग्यधाम में पुल के ऊपर पानी चलने के बाद भी निकलते लोग। संवाद
05 सीकेटीपी-06-दुकान से मलबा हटाते दुकानदार। संवाद
05 सीकेटीपी-07-रामघाट क्षेत्र में बाढ़ के कारण उखड़े पोल। संवाद
-मलबे से ढकी दुकानें-मकान, तीसरे दिन भी सफाई में जुटे लोग
मंदाकिनी का पानी उतरा पर रामघाट में अब भी तबाही, 30 फीट गहरे गड्ढे में समा गया रास्ता
-10 आरती स्थल अब भी डूबे, उतारा बाजार का रास्ता मलबे से बंद
-लोग जान जोखिम में डालकर नदी किनारे बनी पटरी से निकल रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मंदाकिनी का पानी उतर गया, पर अपने पीछे मौत जैसा सन्नाटा और मलबे का समंदर छोड़ गया है। तीन दिन बीत गए लेकिन रामघाट में बाढ़ के जख्म अब भी ताजा हैं। रामघाट की हर दुकान, हर मकान मलबे से पटा है। दुकानदार इस उम्मीद में हाथों से कीचड़ हटा रहे हैं कि शायद कुछ सामान बच गया हो। बाढ़ के रूप में आई इस तबाही में किसी की दुकान का शटर तो किसी का पूरा घर बह गया।
रामघाट जाने वाली मुख्य सड़क अब सड़क नहीं रही। नदी के तेज बहाव ने उसे काटकर 30 फीट से अधिक गहरा गड्ढा बना दिया है। सड़क गायब है। लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नदी किनारे बनी पटरी से निकल रहे हैं। उतारा बाजार का रास्ता पूरी तरह से मलबे से बंद है। आरोग्यधाम में पुल के ऊपर से अब भी पानी बह रहा है और लोग उसी मौत के पुल से निकलने को मजबूर हैं। रामघाट के 10 से अधिक आरती स्थल भी अब तक मंदाकिनी की जलधारा में डूबे हैं।
मलबे में जिंदगी तलाश रहे लोग
जनवरी में बेटी की शादी, घर-दुकान तबाह
फोटो 05 सीकेटीपी-08-शिवशंकर गुप्ता। संवाद
रामघाट छोटे पुल के पास रहने वाले शिवशंकर गुप्ता की बेटी मौसमी की जनवरी में शहडोल जिले में शादी है। परिवार ने शादी की तैयारियां शुरू कर दी थीं लेकिन बाढ़ ने सारी खुशियां छीन लीं। शिवशंकर ने बताया कि दुकान व मकान में रखा पूरा सामान पानी के तेज बहाव में बह गया। घर के दो तल पानी में डूबे रहे और परिवार ने तीसरे तल पर बैठकर पानी उतरने का इंतजार किया। पानी उतरने पर नीचे पहुंचे तो सामान के नाम पर कुछ नहीं बचा था। शादी को लेकर चिंतित हैं।
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शटर तक बहा, मलबे में दबी दुकान
फोटो-05 सीकेटीपी 09-राकेश गुप्ता
छोटे पुल के पास नाश्ते की दुकान चलाने वाले राकेश गुप्ता ने बताया कि बाढ़ में दुकान का पूरा सामान बह गया। दुकान का शटर तक पानी में बह गया। अब दुकान मलबे में दबी है। नुकसान देखने के बाद दुकान की तरफ जाने का भी मन नहीं करता। घर में खाने-पीने तक की परेशानी है। पूरा रोजगार चौपट हो गया। पता नहीं अब क्या होगा।
35 पोल और छह ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त
29 अगस्त को आई भीषण बाढ़ में रामघाट क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को भी भारी नुकसान हुआ। 35 बिजली पोल और छह ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। कई पोल पानी के तेज बहाव में बह गए जबकि कुछ टूटकर जमीन पर गिर गए। छह ट्रांसफार्मर पानी में डूबने से खराब हो गए। इससे रामघाट और उतारा बाजार क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
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दो ट्रांसफार्मर ठीक, 12-13 नए पोल लगाए
छह खराब ट्रांसफार्मरों में से दो को ठीक कर बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है। 12 से 13 नए पोल भी लगाए जा चुके हैं। रामघाट क्षेत्र में अभी मलबा जमा होने के कारण बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की जा रही है। मलबा हटने के बाद एक-दो दिन में आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। बाकी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति चालू है।
-रतन कश्यप, अधिशासी अभियंता।
05 सीकेटीपी-03-रामघाट में हुआ गड्ढा। संवाद
05 सीकेटीपी-03-रामघाट में हुआ गड्ढा। संवाद
05 सीकेटीपी-03-रामघाट में हुआ गड्ढा। संवाद
05 सीकेटीपी-03-रामघाट में हुआ गड्ढा। संवाद
05 सीकेटीपी-03-रामघाट में हुआ गड्ढा। संवाद
05 सीकेटीपी-03-रामघाट में हुआ गड्ढा। संवाद