चित्रकूट। रामायण कॉन्क्लेव कार्यक्रम में रविवार की शाम को कलाकार डॉ. सुशील त्रिपाठी व डॉ. ज्योति वैष्णव ने भजन संध्या के गीतों से समां बांध दिया। योग मंच कार्यक्रम के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम व गोष्ठी भी हुई। चित्रकला में छात्राओं ने भगवान श्रीराम व उनसे जुड़ी कथाओं पर आधारित चित्रों को कैनवास में उकेरा।
रामायण मेला परिसर में चल रहे कार्यक्रम में भजन गायकों ने संगीत के साथ भगवान श्रीराम के कई भजन प्रस्तुत किए। इंदौर की आकृति मेहरा ने सुंदरकांड पर नृत्य किया। दिव्याजंलि और उनकी टीम ने समूह नृत्य किया। अखिल भारतीय सेवा संस्थान की ओर से आदिवासियों ने लोकगीत प्रस्तुत किया। अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
योग मंच कार्यक्रम में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने योग की विभिन्न कला कौशल का प्रदर्शन किया। पर्यटन व सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर गोष्ठी भी की गई। महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भरत मिश्र, जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश दुबे, डॉ. कुसुम सिंह, डॉ. नीलम नायक चौरे, प्रो. अमरजीत सिंह, आद्या मिश्रा, प्रतिभा सिंह आदि ने संबोधित किया। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की डाक्यूमेंट्री का प्रसारण भी किया गया।
इस मौके पर डा. गोपाल मिश्र, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव, नगर पालिका चित्रकूट के अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता,गया प्रसाद गोपाल भाई, साकेत बिहारी शुक्ल, एसपी मिश्रा आदि मौजूद रहे।
चित्रकला प्रतियोगिता हुई
चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भगवान श्रीराम की व चित्रकूट क्षेत्र के पर्यटन क्षेत्रों की तस्वीर छात्र-छात्राओं ने मनाया। इस प्रतियोगिता के संयोजक मंडल जय शंकर मिश्र, प्रसन्न पाटकर, संध्या पांडेय, राजेश शुक्ल रहे। छात्राओं ने भगवान राम से जुड़ी कथाओं के आधार पर चित्र बनाए। इन्हें देखने के लिए तमाम लोग पहुंचे और सभी ने सराहा।
अव्यवस्था का शिकार हुआ कार्यक्रम
रामायण कॉन्क्लेव कार्यक्रम में दिन के कार्यक्रमों में श्रोताओं व दर्शकों की उपस्थिति बेहद कम रही। प्रचार प्रसार के लिए लगी प्रदर्शनी का हाल यह रहा कि आधे से ज्यादा काउंटर में सिर्फ टेंट की कुर्सी मेज दिखाई पड़े। रूद्र प्रसाद मिश्रा, अनिरूद्ध सिंह व सुभाष सिंह, बांदा से आए प्रेम चंद्र और सतना के दयाल कुमार ने आरोप लगाया कि शासन की अच्छी मंशा पर पर्यटन विभाग और अधिकारियों ने पानी फेर दिया है। यह भी कहा कि इसमें पर्यटन अधिकारी की भूमिका की जांच होनी चाहिए। इस संबंध में पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने आरोपों को गलत बताया। कहा कि इसका प्रचार प्रसार किया गया है।
फोटो-4-रामायण कान्क्लेव में सांस्क़ृति कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT
फोटो नंबर-5- रामायण कॉन्क्लेव कार्यक्रम में भगवान राम कथा पर आधारित चित्रों को उकेरते दिव्यांग वि- फोटो : CHITRAKOOT