चित्रकूट इंटर कालेज के प्रवक्ता और बोर्ड परीक्षा
में अतिरिक्त सचल दल प्रभारी वीपी निर्मल ने डीएम और एसपी से डीआईओएस की
शिकायत की है। इसमें आरोप लगाया कि डीआईओएस प्रेमप्रकाश मौर्य उन्हें झूठे
मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।
वीपी निर्मल ने बताया है कि
डीआईओएस ने उन्हें अतिरिक्त सचल दल का प्रभारी बनाया था। इसमें सीमा
जायसवाल, शैलेंद्र कुमार, शंकर प्रसाद यादव को शामिल किया था। कुछ परीक्षा
केंद्रों पर अनियमितताएं मिली थीं।
आरोप लगाया कि केंद्र
व्यवस्थापकों और सहयोगियों ने सचल दल को धमकाया था, इसकी एफआईआर कोतवाली
में दर्ज कराई गई थी। उनका कहना है कि डीआईओएस प्रेमप्रकाश मौर्य उन्हें और
शंकर यादव को कई बार धमका चुके हैं और घटना की गवाही देने से मना कर रहे
हैं।
अब डीआईओएस इनके प्रभाव में आकर झूठे तथ्यों के आधार पर
एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास कर रहे हैं। प्रवक्ता ने सुरक्षा की मांग करते
हुए आरोपियों के खिलाफ जांच की मांग की।
उधर, बुइया बाई इंटर
कालेज और परम विद्या मंदिर के केंद्र व्यवस्थापकों ने वीपी निर्मल और शंकर
प्रसाद यादव पर पचास हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। कहा कि सचल दल
प्रभारी वीपी निर्मल ने केंद्रों के निरीक्षण के दौरान निरीक्षण आख्या और
दैनंदिनी में शांतिपूर्वक परीक्षा होने की आख्या अंकित की, फिर
प्रधानाचार्य को बुलाकर पचास हजार रुपये मांगे।
साथ ही धमकी दी कि
अगर ऐसा नहीं किया तो परीक्षा केंद्र खत्म करवाकर फर्जी मुकदमे में फंसा
देंगे। दावा किया कि सुरक्षा गार्डों ने हलफनामा देकर मारपीट की घटना को
फर्जी बताया है। दोनों ने एसपी से वीपी निर्मल और शंकर यादव के खिलाफ
रिपोर्ट दर्ज कराने मांग की।
आरोप बेबुनियाद हैं। मेरे पास दोनों
पक्षों की शिकायतें आई थीं। दोनों को कोतवाली प्रभारी के पास भेज दिया है,
विवेचना में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। इसके अलावा कोई टिप्पणी नहीं करना।
प्रेमप्रकाश मौर्य, डीआईओएस।