चित्रकूट। जिले के मानिकपुर क्षेत्र में टाइगर रिजर्व बनाने की मंजूरी उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट से मिल गई है। अब पाठा क्षेत्र में बाघों की दहाड़ सुनाई देगी। पर्यटन का विकास होगा। रोजगार के नये अवसर भी पैदा होंगे।
मानिकपुर क्षेत्र में टाइगर रिजर्व बनाने की मांग एक दशक से अधिक समय से उठ रही थी। विभागीय अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों समेत कई स्थानीय लोगों ने पहल की थी। जिला वनाधिकारी आर के दीक्षित ने बताया कि वन विभाग ने शासन की मंशा के अनुरूप प्रस्ताव बनाकर पहले ही भेज दिया था। मंगलवार को सरकार ने 52 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में टाइगर रिजर्व बनाने की मंजूरी दी गई है। जिसमें 91 गांव शामिल है। निर्माण कार्य के लिए जल्द ही चिह्नांकन किया जाएगा।
इनसेट
एक नजर (टाइगर रिजर्व)
आरक्षित कुल क्षेत्रफल- 52.288 हेक्टेयर
कोर क्षेत्रफल - 23.031 हेक्टेयर
रिजर्व क्षेत्रफल - 29.277 हेक्टेयर
ऐतिहासिक स्थलों का होगा विकास
चित्रकूट। टाइगर रिजर्व बनने से मानिकपुर क्षेत्र में जंगलों में स्थित धार्मिक व प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में भी पर्यटक आएंगे। शबरी जलप्रपात, राघव जलप्रपात, धारकुंडी आश्रम, मार्कंडेय आश्रम, सरभंग आश्रम, अमरावती आश्रम, व सरहट के शैल चित्र सहित तमाम ऐसे स्थल है। जंगल क्षेत्र होने के कारण इन स्थानों में पर्यटक कम पहुंचते हैं। अब सड़कें व अन्य सुविधाएं बढ़ जाने से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
सीएम से हुई थी चर्चा
मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि हाल ही में जब वह सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले थे तो टाइगर रिजर्व को लेकर भी चर्चा हुई थी। इसकी मंजूरी मिलने से कई सालों से उपेक्षित प्राकृतिक सुंदरता वाला पाठा क्षेत्र दुनिया की निगाह में आएगा। प्रभावित गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थान पर जमीन मुहैया की प्रक्रिया भी चल रही है।