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कोई भी अवैध खनन में हो शामिल तो करें कड़ी कार्रवाई

Sat, 04 Nov 2017 09:56 PM IST
चित्रकूट
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यमुना नदी किनारे नाव से ढोई जा रही बालू। - फोटो : amarujala
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मऊ(चित्रकूट)। लगातार यमुना नदी के आसपास से अवैध बालू ढुलान की जानकारी होते ही जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई। उन्होेंने खनिज व पुलिस विभाग के अधिकारियों से दो टूक कहा कि जिले में अवैध खनन रोकने के हर उपाय करें और जो भी संलिप्त हो उस पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई पुलिस कर्मी या विभागीय कर्मी की शह पर अवैध खनन की शिकायत हो तो उस पर दंडात्मक कार्रवाई हो।

 गौरतलब है कि तमाम दावे के बावजूद यमुना नदी से अवैध बालू खनन व ढुलान का काम जारी है। खासकर रात से लेकर सुबह तक इस काम में ज्यादा तेजी रहती है। स्थानीय लोगों का दावा है कि एक दिन में एक सैकड़ा नाव से बालू कौशांबी जनपद भेजी जा रही है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि चित्रकूट जिले की सीमा पर बालू ढुलान नहीं हो रहा है। यह काम कौशांबी जनपद के लोग करा रहे हैं। मऊ क्षेत्र के बराह कोटरा व बरियारी गांव के यमुना किनारे इन दिनों नावों का डेरा है।
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यह नाव लोगों को लाने ले जाने के लिए नहीं बल्कि बालू ढुलान का काम तेजी से हो रहा है।
 अमर उजाला में लगातार खबर छपने के बाद शुक्रवार की देर शाम को जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने विभागीय संबधित अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि जहां भी अवैध खनन होने की शिकायत हो उसे तत्काल बंद कराएं। पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि यदि अवैध खनन में पुलिसकर्मी की संलिप्तता मिले तो उस पर त्वरित कार्रवाई करें। जिला खनिज अधिकारी मिथलेश कुमार पांडेय ने बताया कि मऊ क्षेत्र में अवैध खनन की जानकारी विभागीय कर्मचारियों व पुलिस से मांगी गई है।
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सभी ने बताया है कि नदी के पानी का सीमांकन नहीं है। कभी कभार कौशांबी क्षेत्र के ठेकेदार बालू निकालते समय इस क्षेत्र में आते हैं लेकिन उन्हें तत्काल रोका जाता है। इस संबंध में कौशांबी के खनिज अधिकारी राजरंजन से बात हुई है तो उन्होंने हर हाल में अवैध खनन रोकने पर सहमति जताई है। उन्होेंने बताया है कि नियमानुसार इस नदी की बालू के लिए ठेका हुआ है। ठेका स्थल का सीमांकन भी है। जांच कराई जाएगी यदि सीमांकन से अधिक स्थान पर खनन हुआ तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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