चित्रकूट। शादी का झांसा देकर एक विधवा महिला से दुष्कर्म के मामले में सत्र न्यायाधीश शेष मणि ने पिता-पुत्रों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इस मामले में आरोपी विनीत कुमार विश्वकर्मा, उसके पिता गुलजार और भाई विमल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्र ने बताया कि बिहार के कटिहार जिले की निवासी महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। महिला के पति की वर्ष 2020 में मृत्यु हो गई थी और वह अपने तीन बच्चों के साथ गुजरात के अहमदाबाद में नौकरी कर रही थी। वहीं उसकी मुलाकात सरधुवा निवासी विनीत कुमार विश्वकर्मा से हुई। विनीत ने उससे शादी का वादा किया।
इसके बाद उसने महिला का शारीरिक शोषण किया। बाद में वह महिला को अपने गांव भी ले आया। छह अप्रैल 2026 को विनीत बिना बताए मोबाइल बंद कर चला गया। इसके बाद उसके पिता और भाई ने महिला को गाली-गलौज कर घर से निकाल दिया और जान से मारने की धमकी दी। महिला की शिकायत पर तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी विनीत, गुलजार और विमल ने अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी। सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद तीनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला सुनाया।