चित्रकूट। कोषागार के 43.13 करोड़ के घोटाला में नामजद महिला पेंशनर को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली है। हाईकोर्ट के अधिवक्ता ने बताया कि ब्यूर गांव निवासी महिला पेंशनर विमला देवी के खाता में एरियर के भुगतान के नाम पर करीब 14 लाख रुपये आए थे। जिसको बिचौलियों ने निकाल कर कोषागार कर्मियों के साथ मिल कर बंदरबांट किया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए पेंशनर ने सत्र न्यायाधीश के यहां अग्रिम जमानत दाखिल किया था। सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश शेषमणि ने अपील खारिज कर दी थी। पेंशनर ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। महिला पेंशनर को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी। कोषागार घोटाला उजागर होने के बाद वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश सिंह ने चार कर्मियों व 93 पेंशनरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना में करीब 25 बिचौलियों के नाम सामने आए थे।