चित्रकूट। सिविल जज सीनियर डिवीजन के सचिन कुमार दीक्षित ने आयुध अधिनियम में आरोपी अंकित वर्मा को जमानत दे दी है। यह वर्ष 2026 का मामला है।
पहाड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने अंकित वर्मा के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। वह 22 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में था। इस मामले में आरोपी के अधिवक्ता ने अदालत में जमानत अर्जी डाली थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने आरोपी अंकित वर्मा को निर्दोष बताया था और कहा था कि उसके कब्जे से कोई तमंचा बरामद नहीं हुआ। इस मामले में न्यायालय ने पत्रावली का अवलोकन करने के बाद पाया कि अभियुक्त का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। ऐसे में अदालत ने उसे जमानत पर रिहा करने योग्य माना। उसे 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि की एक जमानत दाखिल करने पर रिहा किया जाएगा। (संवाद)
अरविंद की जमानत याचिका खारिज
चित्रकूट। न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद भारती ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी अरविंद कुमार सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। भरतकूप थाना क्षेत्र का यह वर्ष 2026 का मामला है। अरविंद कुमार सिंह भरतकूप थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में अरविंद कुमार सिंह पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वो इस समय जिला कारागार में निरुद्ध है। अधिवक्ता की ओर से आरोपी अरविंद कुमार सिंह की जमानत अर्जी डाली गई थी। सुनवाई में आरोपी के अधिवक्ता ने उसे झूठा फंसाने का तर्क दिया था। हालांकि, अभियोजन अधिकारी ने जमानत का कड़ा विरोध किया। न्यायालय ने अभियोजन प्रपत्रों का अवलोकन करने के बाद पाया कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। यह मामला अजमानतीय है और सत्र न्यायालय में विचाराधीन है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद भारती ने जमानत का पर्याप्त आधार न मानते हुए याचिका निरस्त कर दी।(संवाद)