नारेबाजी करते पाठा क्षेत्र के ग्रामीण
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पाठा क्षेत्र की बिजली व पानी की समस्याओं को लेकर मुख्यालय में चल रहे आमरण अनशन के समर्थन में सोमवार को सैकड़ों ग्रामीण पहुंच गए। नारेबाजी करते हुए ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। आक्रोशित ग्रामीणों को देखते हुए कोतवाली, शिवरामपुर व भरतकूप चौकी की पुलिस सहित पीएसी को भी कलेक्ट्रेट में बुला लिया गया। डीएम मोनिका रानी ने प्रदर्शनकारियों की सभी मांगे पूरी कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद आमरण अनशन भी समाप्त हो गया।
पाठा क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में विद्युतीकरण कराने, लो वोल्टेज और आए दिन फाल्ट का बहाना बनाकर आपूर्ति बंद रखने से परेशान लोगों ने एक सप्ताह पूर्व मुख्यालय में क्रमिक अनशन शुरू किया था। जिसमें बुंदेलखंड किसान विकास समिति के अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य अनिल प्रधान के नेतृत्व में युवा किसान आमरण अनशन पर बैठ गए।
अनशन के छठवें दिन सोमवार को अनशनकारियों की हालत बिगड़ने की जानकारी होते ही एक दर्जन गांव के सैकड़ों किसान और महिलाएं मुख्यालय पहुंच गईं। मुख्यालय के पटेल तिराहे अनशन स्थल से सैकड़ों लोग नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शनकारियों को रोका गया तो उनका आक्रोश बढ़ गया। हालात बिगड़ते देख सभी को अंदर बुलाया गया।
एडीएम हवलदार सिंह और एसडीएम रजनीश मिश्रा ने दो बार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर लौटने और अनशन समाप्त कराने को कहा, लेकिन नहीं माने। इसके बाद डीएम मोनिका रानी ने एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। जिसमें कैलहा में विद्युत उपकेंद्र खोलने, लो वोल्टेज की समस्या दूर कराने, खराब हैंडपंपों की मरम्मत और जरूरत वाले स्थानों पर पाइप लाइन बिछाने की मांग की गई।
डीएम ने अधिकारियों को बुलाकर जल्द समाधान के निर्देश दिए। इसके बाद शाम को एडीएम और एसडीएम अनशन स्थल पर पहुंचे। सभी सात अनशनकारी अनिल प्रधान, रणधीर सिंह, राकेश कुमार, विजय पटेल, लवकुश, मुन्नालाल व मनोज कुमार को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।