जिले भर में कार्तिक मास की नवमीं को इच्छानवमी पर्व मनाया गया। महिलाओं ने आंवले के पेड़ की पूजा कर परिवार सहित पेड़ के नीचे भोजन खाया। इसके लिए धर्मनगरी समेत विभिन्न स्थानों में जहां आंवले के पडे़ लगे हैं वहां श्रद्धालुओं की भीड़ जमा रही। महिलाओं ने बच्चों के साथ कामदगिरी की परिक्रमा भी लगाई।
महिलाओं ने इच्छाओं की पूर्ति की मनौती के लिए प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की नवमीं को इच्छानवमी का पर्व मनाती हैं। इस वर्ष भी महिलाओं ने पहले विभिन्न प्रकार के व्यंजन घर में बनाए।
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इसके बाद परिवार सहित पूजा पाठ करने को जिस स्थान में कई वर्षों से आंवले के पेड़ की पूजा होती है। उन स्थानों में पहुंचकर आंवले के पेड़ के 108 परिक्रमा लगाई। इसके बाद विधि विधान से पूजा पाठ किया। आंवले के पेड़ के नीचे भोजन खाया।
वही मानिकपुर, शिवरामपुर, भरतकूप, राजापुर, पहाड़ी क्षेत्रों में भी इच्छा नवमी मनाई गई। सच्चा आश्रम के ललित ब्रहचारी महाराज का कहना है कि आंवले के पेड़ के नीचे कार्तिक मास की नवमी को पेड़ के नीचे भोजन करने से इच्छा की पूर्ति होती है।