राजापुर(चित्रकूट)। थाना क्षेत्र के बेहननपुरवा अगिभनकांड के दो दिन बीत चुके हैं। अभी भी बस्ती में आग की लपटें महसूस की जा रहीं हैं। उजड़े घरों में रहने के लिए आशियाना बनाने की जद्दोजहद महज पन्नी से ही की जा रही है। इन पीड़ित परिवार के बच्चों व महिलाओं की हालत खराब है। कोई भोजन तो कोई आशियाना बसाने के लिए दौड़ धूप करता नजर आया। इनकी मदद के लिए कई समाजसेवी व राजनीतिक दल के नेता दूसरे दिन भी पहुंचे और इनके आंसू पोछने का प्रयास किया।
सुरवल गांव के मजरा बेहननपुरवा में अग्निकांड से पीड़ित 47 परिवारों के उजडे़ आशियाने को पन्नी के सहारे समाज सेवियों की मदद से बनाने का कार्य शुरू हो गया है। ताकि अग्नि पीड़ित को किसी तरह से रहने के लिए सुविधा हो जाए। वही कई समाज सेवी भोजन खिलाने में जुटे हुए है। खाद सामग्री व अन्य वस्तुएं देने का कार्य भी जारी है।
राजापुर थाना क्षेत्र के सुरवल गांव में तीन दिन पहले बेहननपुरवा मुस्लिम बस्ती में आग लगने से 47 कच्चे घर पूरी तरह से जल गए थे। जिससे उनकी सारी गृहस्थी भी जल गई थी। मंगलवार को उजडे़ हुए आशियानों को पन्नी लगाकर अग्नि पीड़ितों को बसाने का कार्य शुरू हो गया है। संत मोरोरी बापू की के शिष्य सेठ जालन की संस्था प्रबंधक राम प्रसाद गर्ग के माध्यम से जले हुए कच्चे घरों में पन्नी लगाई गई। भोजन भी खिलाया गया। क्षेत्र पंचायत सदस्य शारदा निषाद सहित कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष कुशल सिंह पटेल, रंजना बरातीलाल पांडेय, गज्जू प्रसाद फ ौजी आदि ने पीड़ितों को 50 दरी, 50 सेट बर्तन, व बच्चे व महिलाओं कपडे़ वितरित किए।
कांग्रेसियों ने बताया कि इस मामले की जानकारी राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को होने के बाद उनके निर्देश पर दूसरे दिन भी पीड़ितों की मदद की गई है। बसपा के जिलाध्यक्ष रामलखन निषाद, पूर्व विधायक चंद्रभान सिंह भी पीड़ितों से मिलकर मदद का भरोसा दिलाया। वही खोपा गांव के जगरूप सिंह, दुखहरन सिंह, विनय सिंह, मुकेश आदि ने भी भोजन के पैकेट पीड़ितों को बांटे। इस दौरान भाजपा नेता शिवशंकर सिंह भी मौजूद रहे।
चित्रकूट। प्रशासन की तरफ से अग्नि पीड़ित परिवारों का सर्वे कर 41 को चिंहित किया गया। ताकि सहायता दिलाई जा सके। सभी के खाते नंबर व अन्य आवश्यक कागजात लिए गए है।
चित्रकूट। अग्नि पीड़ित कई परिवार अपने बच्चों के साथ खुले आसमान में रात बिताई। सुबह बच्चे व महिलाएं धूप में ही बैठी रही। कई महिलाएं जली गृहस्थी मेें बची गृहस्थी को बिनने में लगी रही। कई वर्षों से जुटाई गई गृहस्थी को देखकर महिलाओं के आंखों में आंसू आ गए।
फोटो- 12- - बेहननपुरवा में टूटे आशियाना को बनाने की जददोजहद करती वृद्घा- फोटो : CHITRAKUTT
फोटो- 13- - चलो किसी तरह टूटी छत पर पन्नी डालकर परिजनों के रात में सोने का इंतजाम किया जाए...बेहननपुरवा- फोटो : CHITRAKUTT