फोटो 17 सीकेटीपी-44-प्रकाशित खबर।
चित्रकूट। धर्म नगरी की आस्था और आध्यात्मिक पहचान मानी जाने वाली मंदाकिनी नदी अब जल स्वच्छ और निर्मल दिखेगी। मंदाकिनी की बदहाली को मुद्दा बनाकर अमर उजाला में मुहिम छेड़ी गई थी। इन खबरों का संज्ञान लेते हुए पहले समाजसेवी संगठन ने मंदाकिनी नदी को साफ-सुथरा अभियान शुरू किया। अब जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के निर्देशन में सोमवार से मंदाकिनी की सफाई का काम शुरू किया। पहले दिन एक दर्जन से श्रमिकों ने मैली नदी को साफ-सुथरा किया।
अमर उजाला ने सात मई को शैवाल की चादर से ढकी मंदाकिनी, पानी प्रदूषित और आठ मई को दो विभागों की खींचतान में फंसी आस्था की धारा शीर्षक से प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की थीं। इन खबरों के बाद सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों में जागरूकता बढ़ी। बुंदेली सेना ने सबसे पहले नदी की सफाई का बीड़ा उठाया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के निर्देशन में अब यह अभियान तेज कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। नारायण इंजीनियर्स इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड ने मैनपावर की मदद से सफाई कार्य शुरू किया। अभियान चलाकर श्रमिक मंदाकिनी को साफ-सुथरा बनाने में जुटे हैं। पहले श्रमिकों ने अभियान के तहत नदी की तलहटी से काई, जलकुंभी और अन्य अपशिष्ट पदार्थ हटाए। यह पहल मंदाकिनी के जल को स्वच्छ और निर्मल बनाने में सहायक होगी।
बोले जिम्मेदार
मंदाकिनी नदी चित्रकूट की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर है। इसकी स्वच्छता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को सफाई अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने आमजन से भी नदी को स्वच्छ रखने में सहयोग की अपील की है।
पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी
फोटो 17 सीकेटीपी-44-प्रकाशित खबर।