चित्रकूट। अपर सत्र न्यायाधीश अनुराग कुरील की अदालत ने मुन्नी उर्फ नवल को दुष्कर्म के आरोप से दोषमुक्त कर दिया है। हालांकि, अदालत ने उसे मारपीट और अपमानित करने का दोषी ठहराते हुए दो वर्ष की परिवीक्षा पर रिहा करने का आदेश दिया।
कस्बे निवासी पीड़िता ने जुलाई 2022 में मारपीट और दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पुलिस की ओर से रिपोर्ट दर्ज न करने पर न्यायालय के आदेश पर 27 जनवरी 2023 को एफआईआर दर्ज हुई। जांच में दुष्कर्म के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। हालांकि, मारपीट और गाली-गलौज के आरोप साक्ष्यों से सिद्ध हुए। आरोपी की उम्र करीब 25 वर्ष है वह आर्थिक रूप से कमजोर है और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। इन परिस्थितियों को देखते हुए उसे जेल के बजाय परिवीक्षा पर छोड़ा गया। न्यायालय ने पीड़िता को 5,000 रुपये क्षतिपूर्ति देने का भी निर्देश दिया। उसे 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा किया गया है।