चित्रकूट। उत्तराखंड के चमोली की आपदा से चित्रकूट को भी सबक लेने की जरूरत है। जिले के पर्यावरणविद का मानना है कि अगर इसी तरह चित्रकूट में भी पहाड़ो और नदियों में खनन होता रहा तो चित्रकूट को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
पर्यावरणविद गुंजन मिश्रा का मानना है कि पहाड़ों और नदियों में खनन से परेशानी है। खनन में मानकों का ध्यान न रखा गया तो परेशानी हो सकती है। इस पर रोक लगना जरूरी है। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह व सर्वोदय सेवा आश्रम के प्रमुख अभिमन्यु सिंह का कहना है कि प्रकृति अपने साथ होने वाले व्यवहार के परिणाम दिखाने लगी है। केंद्रीय भूमिगत जल बोर्ड कि रिपोर्ट के अनुसार कर्वी, मानिकपुर, पहाड़ी ब्लाकों में भूमिगत जल स्तर लगातार घट रहा है। बारिश के दिनों में कमी होती जा रही है। जो नदियां कभी नीर से भरी रहतीं थीं आज वो सूखने लगी है।