चित्रकूट। जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में पोषण अभियान के क्रियान्वयन व अनुश्रवण के संबंध में आयोजित बैठक में कहा कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय नहीं बने हैं, वहां एक सप्ताह के अंदर शौचालय का निर्माण कराया जाए।
जिन बाल विकास परियोजना अधिकारियों ने एक भी कुपोषित बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र पर नहीं भर्ती कराया है, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी की जाए।
जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्त्रस्म अधिकारी बाल विकास मनोज कुमार को निर्देश दिए कि जितने भी विभाग कन्वर्जेंस के हैं और उन्होंने पोषण माह के तहत कराए गए कार्यों की फीडिंग नहीं कराई है, उनसे जवाब तलब किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी से कहा कि सभी सहयोगी विभागों से समन्वय स्थापित कर फीडिंग का काम करें। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों को पोषाहार का वितरण समय से कराया जाए। सुपोषित गांव के बारे में कहा कि इस वर्ष 22 गांव के लक्ष्य के अनुरूप पांच गांव और बढ़ाए जाएं।
सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रतिमाह एक-एक गांव को संतृप्त करें। उन्होंने कहा कि आरबीएसके की टीम गांव में जाकर स्वास्थ्य परीक्षण करे। कुपोषण शासन की प्राथमिकता है। लगातार इसकी समीक्षा की जा रही है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार, डीसी मनरेगा दयाराम यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी संजय कुमार पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक बलिराज राम, अधीक्षक जिला चिकित्सालय डॉ. आरके गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी व बाल विकास परियोजना अधिकारी मौजूद रहे।