कमरे में पहुंचे तो उसे फंदे में लटकता देख चीख पड़े। पूरे घर में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी दीपेंद्र सिंह मय फोर्स पहुंचे और परिजनों की मदद से शव को फंदे से नीचे उतारा। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।
दो भाइयों में इकलौती बहन थी मनोरमा
दो भाइयों के बीच किसान परिवार की मनोरमा अकेली बहन थी। अच्छी शिक्षा ग्रहण करने के बाद परिजनों को विश्वास था कि एक साल के अंदर उसे सरकारी नौकरी मिल जाएगी। खुशी-खुशी उसकी शादी कमासिन गांव के एक युवक से तय कर दी थी।
ग्रामीणों और कुछ परिजनों की माने, तो शायद मनोरमा शादी के इस रिश्ते से असंतुष्ट थी। इसीलिए उसने जान दे दी। पिता ने बताया कि कभी पुत्री ने शादी को लेकर न कोई बात की और न ही विरोध किया। इससे उसकी मंशा का पता नहीं चला।